खुटहना ग्राम सभा में जिलाधिकारी के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां

 

मुख्य दर्शक बने रहे जांच टीम अधिकारी, शासन प्रशासन के खिलाफ हुई नारेबाजी

चूक का जिम्मेदार कौन? जाँच अधिकारियो को घेरे मे रख किया गया जाँच प्रभावित

 

खजनी/गोरखपुर। जिला अधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर खजनी ब्लॉक के खुटहना गांव में विकास कार्यों के जांच हेतु 25 जून को सतीश कुमार सिंह (शिकायतकर्ता) द्वारा शिकायत किया गया था। जिसमे जिलाधिकारी दीपक मीणा द्वारा 7 अगस्त 2025 को जाँच का आदेश दिया गया जिसमे पांच महीने तक फाइल को जिम्मेदार लोगो द्वारा दबाकर रखा गया था। जिसे देखते हुए सतीश कुमार सिंह पुनः जिलाधिकारी दीपक मीणा से सम्पर्क करते हुए जाँच करने का निवेदन किया। जिसे देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा पुनः जाँच का आदेश दिया गया. जिसकी जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा सहायक अभियंता रोहित सिंह एवं सचिव को सौंपा गया।
गठित टीम ज़ब खुटहना ग्राम सभा पहुंची तो वहा पहले से सैंकड़ो कि संख्या मे जुटी भीड़ ने जाँच टीम को रोकने कि कोशिश कि फिर अभिनव मिश्रा एवं उनकी टीम ग्राम पंचायत भवन पहुंचे जहाँ भीड़ उनके पीछे पीछे पहुंच आई जिसको देखते हुए शिकायतकर्ता सतीश सिंह ने जाँच अधिकारी से मौके पर प्रशासन बुलाने जाने कि मांग कि पर बिना प्रशासनिक बल के ही जाँच अधिकारी जाँच करने मे जुटे रहे या ये कहे कि जाँच करने के लिए जूझते दिखे अभिनव मिश्रा एवं उनकी टीम।जो वीडिवो मे साफ देखा जा सकता हैँ जिसमे जमकर हंगामो के साथ हुई नारेबाजी एवं शासन के आदेशों कि उड़ती दिखी धज्जिया।
जिसकी वजह से टीम कुछ घंटो बाद वापस लौट गई आपको बताते चले कि इसमें प्रधान प्रतिनिधि ने इसे चुनावी रंजिश बताया और शिकायतों को झूठा कहा।
पर प्रश्न यह उठता है कि ज़ब शिकायकर्ता कि शिकायते झूठी है और कार्य सभी मानक के अनुरूप हुए है तो फिर जाँच को प्रभावित करने का क्या उद्देश्य था ? यदि ग्राम सभा मे नहीं हुए है मनरेगा के नाम पर खेल एवं सरकारी धन का दुरूपयोग तो क्यों ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा शालीनता से नहीं होने दिया गया जाँच।
कहा से आई थी भीड़, किसने दिया नारेबाजी करने के साथ अधिकारी गण को जाँच प्रभावित करने का अधिकार ?

वैसे खजनी मे एक नहीं ऐसे कई ग्राम सभा हैँ जिनमे कार्य कागजो मे दर्शाया गया हैँ बाकि जमीनी हकीकत खाली दिखी एवं पाई गई, जिसमे कुछ गांव मुख्यमंत्री के चहेते गांव मे से एक हैँ। फिर भी उन गांव मे अनियमितता कि भ्रष्टाचार कि शिकायते देखने सुनने को मिली हैँ. फिर भी कौन हैँ इन ग्राम सभावों पर मेहरबान क्यों रुक जाती आधे अधूरे मे जाँच यह भी एक जाँच का विषय हैँ।

क्या कहा जाँच अधिकारी अभिनव मिश्रा द्वारा

इस संबंध मे ज़ब जाँच अधिकारी अभिनव मिश्रा से बात चित कि गई तो उन्होंने कहा कि हा भीड़ के कारण जाँच मे थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा पर उनके द्वारा गांव मे जाकर भुस्थलीय जाँच कि गई बाकि जो कागजी जाँच हैँ उनको भी जल्द पूर्ण किया जायेगा।

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