इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के साथ देशभर में चार्जिंग स्टेशन भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक वर्ष में चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या दोगुनी हो गई है। इससे EV खरीदने वालों का आत्मविश्वास बढ़ा है। कंपनियाँ बैटरी स्वैपिंग तकनीक पर भी काम कर रही हैं। EV सेक्टर में निवेश बढ़ने से नए रोजगार और स्टार्टअप्स के लिए अवसर खुल रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर अधिकांश वाहन इलेक्ट्रिक हो सकते हैं।
भारत में EV चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़े – उद्योग को नई गति
