भारत में डिजिटल भुगतान का आकार लगातार बढ़ा – UPI ने नया रिकॉर्ड बनाया

भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के माध्यम से लेन-देन की संख्या पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ सुविधाजनक भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग मोबाइल से भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार एवं बैंक लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकें। डिजिटल लेन-देन की बढ़ती क्षमता ने छोटे व्यापारियों के व्यवसाय को नई मजबूती दी है। पहले जहां दुकानदार नकद भुगतान पर निर्भर रहते थे, वहीं अब QR कोड स्कैन के जरिए पैसे तुरंत खाते में आ रहे हैं। इससे धोखाधड़ी और चोरी जैसी समस्याओं में भी कमी आई है। आने वाले समय में UPI आधारित इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। यदि यह सफल होता है तो भारत की डिजिटल तकनीक वैश्विक मंच पर बड़ी भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि 2025 तक भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान बाजारों में शामिल हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *