सुस्ता बस्ती में घुसी नारायणी की बाढ़, 150 से अधिक परिवार खतरे में

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – पश्चिम नवलपरासी के सुस्ता में 500 से अधिक घरों को बाढ़ का खतरा है।

शुक्रवार को सुस्ता ग्रामीण नगर पालिका-5 के थारू टोल से शुरू हुई नारायणी नदी की बाढ़ वहां के 165 घरों में घुस गयी है।

सुस्ता में सशस्त्र पुलिस बेस कैंप के पुलिस अधीक्षक गोबिंद बहादुर खाती ने बताया कि थारू टोल के 78 परिवारों को दिन में सुस्ता में बने होल्डिंग सेंटर में ले जाया गया था और कल रात सैनिक टोल और बड़का टोल में बाढ़ आने के बाद अन्य 85 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे पानी का प्रवाह बढ़ रहा है, वे उन्हें नारायणी नदी के किनारे सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए तैयार हैं। बाढ़ के बाद अधिकांश स्थानीय लोगों ने अपने घर खो दिए हैं।

नारायणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार की सुबह सात बजे की माप के अनुसार गंडक बराज में पानी का बहाव 267000 क्यूसेक प्रति सेकेंड है।

वार्ड सदस्य आदम खान ने बताया कि जब नारायणी नदी अपना रुख बदल कर सुस्ता गांव की ओर बढ़ेगी तो एक लाख क्यूसेक पानी का बहाव होते ही सुस्ता में बाढ़ आ जायेगी।

खान ने कहा कि सुस्ता में सभी बस्तियां खतरे में हैं क्योंकि नदी में जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। एक अन्य स्थानीय बाबू खान ने कहा कि भारतीय पक्ष द्वारा सुस्ता में निर्माणाधीन तटबंध को रोकने के बाद, नदी 132 मीटर क्षेत्र से कट गई, जिसका निर्माण होना बाकी था और बस्ती के करीब आ गई।

खान ने शिकायत की कि बाढ़ ने सुस्ता में बस्तियों के साथ-साथ गन्ने की खेती को भी नुकसान पहुंचाया है।

मुख्य जिला अधिकारी दीपक राज नेपाल ने कहा कि अगर जोखिम वाले परिवारों को बचाया जाना हो तो सुरक्षा कर्मियों की एक टीम तैयार रखी गई है।

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