उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
08/10/2026
काठमाण्डौ,नेपाल – पाकिस्तान ने लंबी दूरी की जमीन से मार करने वाली क्रूज मिसाइल ‘फतह-4’ के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया है। नए संस्करण को ‘फतह-4 ईआर’ नाम दिया गया है।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के मुताबिक, नई मिसाइल में उड़ान और लक्ष्यीकरण के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
पाकिस्तान ने नए संस्करण की वास्तविक फायरिंग रेंज जारी नहीं की है।
लेकिन रक्षा मामलों के शोधकर्ता बिलाल हुसैन खान के मुताबिक अनुमान है कि इसकी मारक क्षमता 1000 किलोमीटर से भी ज्यादा हो सकती है।
उनके मुताबिक, पाकिस्तान ने फतह-4 ईआर की मारक दूरी को 1,200 से बढ़ाकर 1,500 किमी करने का लक्ष्य रखा होगा।
पहले कहा गया था कि फतह-4 की मारक क्षमता करीब 750 किलोमीटर है।
जमीन से करीब 50 मीटर ऊपर से उड़ सकते हैं
फतह-4 की एक अहम खासियत इसकी कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता है।
पाकिस्तान वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर कमोडोर ओवैस खान का कहना है कि यह जमीन से लगभग 50 मीटर ऊपर उड़ सकता है।
कहा जाता है कि यह दुश्मन के रडार सिस्टम की निगरानी से बचते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद कर सकता है।
चूँकि क्रूज़ मिसाइलें आमतौर पर पृथ्वी की सतह के करीब उड़ती हैं, इसलिए उन्हें उच्च ऊंचाई वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में रडार द्वारा पता लगाना अधिक कठिन हो सकता है।
दावा है कि फतह-4 में इस्तेमाल किया गया नेविगेशन सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक ‘जैमिंग’ के बावजूद काम कर सकता है।
जैमिंग के जरिए मिसाइल के गाइडेंस सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
फतह-4 एक सबसोनिक क्रूज मिसाइल है। यानी इसकी गति ध्वनि की गति से भी कम है. पाकिस्तान वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर कमोडोर ओवैस खान के अनुसार, इसकी गति लगभग मैक 0.7 यानी 864 किलोमीटर प्रति घंटा है।
उनके अनुसार, दावा किया गया है कि मिसाइल लगभग 330 किलोग्राम के पारंपरिक पेलोड को ले जाने की क्षमता रखती है।
क्या नया संस्करण आकार में और भी बड़ा है
रक्षा शोधकर्ता बिलाल हुसैन खान के मुताबिक, जारी किए गए वीडियो से फतह-4 ईआर का आकार पिछले वर्जन से बड़ा नजर आ रहा है।
उनका मानना है कि मारक दूरी बढ़ाने के लिए मिसाइल का ढांचा बड़ा किया गया है और इसमें अधिक ईंधन संग्रहित किया जा सकेगा।
उनके मुताबिक, फतह-4 ईआर में मिसाइल के ‘विंग’ की संरचना में भी बदलाव किया गया है।
उनका कहना है कि इससे उत्पादन प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान और कम खर्चीली हो सकती है।
लेकिन चूंकि पाकिस्तान ने नए संस्करण की वास्तविक फायरिंग रेंज के बारे में आधिकारिक विवरण नहीं दिया है, इसलिए इसकी क्षमता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
फ़तह-1 से फ़तह-4
पाकिस्तान पिछले कुछ सालों से फतह सीरीज की मिसाइलें विकसित कर रहा है।
पाकिस्तान ने 2021 में फतह-1 का परीक्षण किया था. बताया गया था कि इसकी मारक क्षमता करीब 140 किलोमीटर थी।
फिर 2024 में फतह-2 को पाकिस्तानी सेना में शामिल कर लिया गया. दावा है कि इसकी मारक क्षमता करीब 400 किमी है।
इसी साल मई में पाकिस्तान ने पहली बार फतह-3 जारी किया था. उस वक्त इसकी तुलना भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से की गई थी।
ऐसा लगता है कि फतह-4 को पिछले संस्करण की तुलना में एक अलग भूमिका के लिए विकसित किया गया है।
इसे लंबी दूरी पर जमीन पर रणनीतिक और सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
फ़तह-4 क्यों महत्वपूर्ण है
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रूज मिसाइल की मुख्य विशेषता इसकी कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और उच्च सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने की क्षमता है।
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में रणनीति और रक्षा मामलों के प्रोफेसर मंसूर अहमद के अनुसार, फतह श्रृंखला पाकिस्तान की लंबी दूरी की रॉकेट तोपखाने प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इन मिसाइलों से हवाई अड्डों, सैन्य कमान और नियंत्रण केंद्रों, हथियारों और गोला-बारूद भंडारण स्थलों, सैन्य आपूर्ति मार्गों और सीमावर्ती सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाया जा सकता है।
ऐसी मिसाइलों की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता ‘स्टैंड-ऑफ रेंज’ है।
यानी, लॉन्च प्लेटफॉर्म लक्ष्य की सीधी पहुंच से बाहर होने पर भी मिसाइल दागी जा सकती है।
इसी तरह, फ़तह सीरीज़ के बारे में कहा जाता है कि इसमें ‘शूट एंड स्कूट’ क्षमता है।
मिसाइल लॉन्च करने के बाद लॉन्च सिस्टम को तुरंत दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। यह दुश्मन के पलटवार से बचने में मदद करता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल प्रतियोगिता
भारत और पाकिस्तान दोनों ने हाल के वर्षों में लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन प्रणालियों के विकास और परीक्षण में तेजी लाई है।
दोनों देशों के पास सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें भी हैं। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान फतह श्रृंखला के माध्यम से पारंपरिक हथियार प्रणाली में लंबी दूरी और उच्च सटीकता जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूक्रेन युद्ध से लेकर मध्य पूर्व के विभिन्न संघर्षों तक, मिसाइलों और ड्रोनों का बढ़ता उपयोग आधुनिक युद्ध की प्रकृति को बदल रहा है।
पिछले साल ‘रॉकेट फोर्स’ के गठन के बाद पाकिस्तान ने विभिन्न मिसाइल प्रणालियों का परीक्षण तेज कर दिया है।
पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका एक उद्देश्य रणनीतिक परमाणु मिसाइलों और पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों को अलग रखना है।
उनका दावा है कि एक अलग संरचना बनाई गई है ताकि पारंपरिक मिसाइलों के उपयोग के संबंध में निर्णय जल्दी से लिए जा सकें।
फतह-4 ईआर के नए परीक्षण को पाकिस्तान द्वारा अपनी लंबी दूरी की पारंपरिक स्ट्राइक क्षमता का विस्तार करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालाँकि, चूंकि इसकी वास्तविक सीमा और तकनीकी क्षमताओं का पाकिस्तान द्वारा खुलासा नहीं किया गया है, इसलिए उपलब्ध दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है।

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
