फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, दबाव में सरकार

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
07/10/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – फ्रांस में अधिक संसाधनों की मांग को लेकर छात्रों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन तेज होने से सैकड़ों उच्च शिक्षा संस्थान प्रभावित हुए हैं।

कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी के मामले सामने आए हैं।

इसके अलावा कर्मचारी, छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गये।
पुलिस द्वारा दंगा नियंत्रण हथियारों के इस्तेमाल के कारण युवा प्रदर्शनकारियों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद से सरकार की आलोचना भी बढ़ गई है।

कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार दबाव में है।

आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज़ के अनुसार, पुलिस ने अब तक 6,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और 715 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।

बताया जाता है कि गुस्सा तब और बढ़ गया जब आंतरिक मंत्री नुनेज़ ने दावा किया कि लगभग सभी मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया परिस्थितियों के अनुसार उचित थी।

क्या संसाधनों की मांग से शुरू हुआ प्रदर्शन

फ्रांस के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य, ‘स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व’ के वादे के बावजूद, वंचित स्कूली छात्रों को पर्याप्त संसाधन और अवसर नहीं मिलने के मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू हुआ।

छात्रों ने कक्षाओं में डेस्क और कुर्सियों जैसी बुनियादी सामग्री की कमी, एयर कंडीशनिंग की कमी के कारण गर्मियों में अत्यधिक गर्म होने वाली कक्षाओं और कर्मचारियों की कमी जैसी उनकी शिकायतों का समाधान करने की मांग की है।

इन विभिन्न मांगों को लेकर सितंबर के मध्य में पेरिस क्षेत्र में शुरू हुआ प्रदर्शन अन्य शहरों और कस्बों में भी फैल रहा है।

उच्च माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े आंदोलन के समर्थन में मजदूर संघ ने भी रैली निकाली है।

मंगलवार को पेरिस में प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने तख्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था, “आप कहते हैं, युवा भविष्य हैं, इसलिए उनकी बात सुनें।”

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