दलित छात्रा को ठाकुर अभिवाहक ने सरकारी स्कूल में घुसकर पीटा

 

एक ओर सरकार की यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगा दी है। जिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है । लेकिन जिले के महाराजगंज के प्राथमिक विद्यालय मांझगांव में जो हुआ उसने एक बार फिर से यूजीसी क्यों जरूरी है इसको सोचने पर मजबूर कर देगा। स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ने वाली दलित माताफेर की पुत्री के साथ ठाकुर धीरज सिंह पुत्र माता बदल सिंह निवासी मांझगांव थाना महाराजगंज की पुत्री और उसी स्कूल कक्षा 2 में पढ़ने वाली छात्रा के साथ प्रार्थना के समय नोक झोंक हो गई थी। जिसकी शिकायत ठाकुर साहब के घर पहुंची । जिस पर आग बबूला ठाकुर साहब ने आव देखा न ताव देखा सीधा स्कूल पहुंच गए और दलित की बेटी को स्कूल भीतर ही जातिसूचक शब्दों के साथ उसे थप्पड़ और चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। ठाकुर साहब के इस तांडव को पूरे स्कूल के बच्चों सहित अध्यापकों एवं रसोइए तक ने देखा लेकिन बच्ची को बचाने कोई आगे नहीं आया। घायल अवस्था में बच्ची को स्कूल से घर लाया गया अभिवाहक ने स्कूल में जाकर शिकायत भी दर्ज करवाई लेकिन पूरा स्कूल इस मामले में चुप्पी साध गया। दलित परिवार ने मामले की शिकायत थाने में भी दर्ज करवाई लेकिन आज लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर भी दलित परिवार ने क्षेत्राधिकारी महाराजगंज से भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन वहां पर भी केवल अधिकारी द्वारा यह कहा गया कि मामले की जल्द सुनवाई और कार्यवाही होगी लेकिन एक सप्ताह बाद भी किसी ने इस मामले की जांच तक नहीं की । पीड़ित दलित ने अब मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

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