सरकार का तुगलकी फरमान है एनपीएस, सेवानिवृत कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति न देना- रूपेश

 

मानवीय आधार पर मिले चिकित्सा प्रतिपूर्ति/कैशलेश चिकित्सा का लाभ- मदन मुरारी शुक्ल

अवधेश पाण्डेय जिला संवाददाता गोरखपुर

गोरखपुर,12 मार्च। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आवश्यक बैठक तारामंडल स्थित बंटी लॉन में सम्पन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के पत्र संख्या 3465/96-आयुष-1-2025/ई-2008414, दिनांक 09 मार्च 2026 के माध्यम से जारी शासनादेश पर चर्चा की गई,जिसमें नवीन पेंशन योजना (एनपीएस) से आच्छादित कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति न दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार का यह तुगलकी फरमान है और सभी कर्मचारी एक स्वर से इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार रसोइयों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रही है, जो सराहनीय है, वहीं अपने मूल कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा सुविधा की समुचित व्यवस्था न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि जब सरकार 70 वर्ष की आयु के बाद सभी नागरिकों को आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दे रही है, तो एनपीएस से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु में ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर रूपेश कुमार श्रीवास्तव, अशोक पांडेय,मदन मुरारी शुक्ल,अनिल द्विवेदी,राजेश मिश्रा, अनूप कुमार,बंटी श्रीवास्तव,संतोष कुमार सिंह सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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