भारत-चीन लिपुलेख के रास्ते सीमा व्यापार शुरू कर रहे हैं

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
22/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत और चीन इस साल से नेपाल के नक्शे में शामिल लिपुलेख भंजयांग के जरिए सीमा व्यापार फिर से शुरू करने जा रहे हैं।

सुत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 साल के अंतराल के बाद दोनों पड़ोसी देश इस जमीन के जरिए सीमा व्यापार फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

पीटीआई ने उत्तराखंड के जिला अधिकारी आशीष भटगाई के हवाले से दावा किया है कि केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक आमतौर पर जून से सितंबर तक चलने वाले बिजनेस सत्र की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

लिपुलेक भंजयांग, जिसे स्थानीय रूप से पुलांग-गुंजी कहा जाता है, कालापानी क्षेत्र में स्थित तीन गांवों में से एक है।

नेपाल लगातार इस इलाके पर अपना दावा पेश करता रहा है जो अब भारत के नियंत्रण में है।

इससे पहले 2015 और 2020 में नेपाल ने लिपुलेख पर भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय समझौते का विरोध किया था।

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (NOC) जारी करने के बाद यह कारोबार फिर से शुरू होने वाला है।

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी है कि उन्होंने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को पत्र लिखकर हिमालय सीमा के जरिए व्यापार फिर से शुरू करने का अनुरोध किया है।

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