….तो क्या सियासत की दूसरी पारी में मैदान फतेह करेंगे हरचंदपुर विधायक


पिता की अकास्मिक मौत के बाद प्रदेश के दूसरे सबसे युवा विधायक बने राहुल लोधी पर सपा लगाएगी दोबारा दांव‌ !


रायबरेली में सबसे सक्रिय विधायक के तौर पर राहुल लोधी की बनी है पहचान , सियासी पृष्ठभूमि मजबूत !


हरचंदपुर रायबरेली। जनपद रायबरेली की राजनीति में सियासी उतार चढ़ाव में कई नाम चीन चेहरे शामिल है जहां प्रदेश सरकार में दो मंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का ताल्लुक रायबरेली की सरजमी से है तो यहां की राजनीति काफी अलग पैमाने में आकी जाती है। विधानसभा के चुनाव में जनपद रायबरेली की सभी सीटों में से सबसे चर्चित और खास सीट मानी जाने वाली हरचंदपुर विधानसभा का चुनावी समीकरण आगामी विधानसभा चुनाव में किस करवट बैठेगा इसको लेकर सियासी दंगल में पक्ष विपक्ष द्वारा जोरदार सियासी आजमाइश का दौर चालू है। यहां से वर्तमान विधायक राहुल शिव गणेश लोधी की सियासी पृष्ठभूमि देखी जाए तो वर्तमान विधायक राहुल लोधी के पिता ने अंबेडकर विचारधारा से प्रेरित होकर काशीराम के साथ 1989 में बहुजन समाज पार्टी से अपनी राजनीति की शुरुआत की तथा 1996 में वो पहली बार बहुजन समाज पार्टी से विधायक चुने गए बसपा सरकार में इन्हें राज मंत्री का भी पद मिला 2007 में कांग्रेस से दोबारा विधायक बने लेकिन अचानक ब्रेन हैमरेज की वजह से 55 वर्ष की आयु में शिव गणेश लोधी का आकस्मिक सन 2016 में निधन हो गया इस दौरान वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल थे चुनाव के करीब उनकी आकस्मिक मौत के कारण भारतीय जनता पार्टी ने स्वर्गीय शिव गणेश लोधी की बहू कंचन लोधी पत्नी राहुल लोधी को हरचंदपुर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया और सामने से मजबूत दावेदारी पेश कर रहे कांग्रेस के प्रत्याशी राकेश सिंह ने कंचन लोधी को सियासी दंगल में पराजय की पटकनी देदी तब जाकर 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से टिकट मिलने के बाद राहुल शिव गणेश लोधी ने कांग्रेस छोड़ भाजपा के सिंबल से चुनाव लड़ रहे निवर्तमान विधायक राकेश सिंह को 14489 वोटो से परास्त किया इस दौरान राहुल लोधी की उम्र लगभग 25 वर्ष की थी जो संपूर्ण उत्तर प्रदेश में युवा विधायक के तौर पर दूसरे नंबर पर बने हरचंदपुर विधानसभा 2012 से पूर्व सतांव विधान सभा के नाम से जानी जाती थी लेकिन 2012 में परिसीमन और बदलाव के बाद सत्ता विधानसभा को पुनर्गठित कर हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र का नाम दिया गया है जिसमें हरचंदपुर, सताव,
खीरो ब्लॉकों को शामिल किया गया विधानसभा क्षेत्र हरचंदपुर का अपना कुछ अलग ही मिजाज रहा यहां 1967 से लेकर 1991 तक लगातार कांग्रेस का कब्जा रहा परंतु 1993 में सपा से उम्मीदवार रहे रामनरेश यादव ने जीत हासिल करके कांग्रेस के सियासी किले को धराशाही कर दिया और 2017 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से पुनः राकेश सिंह विधायक बन गए किंतु 2022 के विधानसभा चुनाव में सियासी दंगल की पहली ही आजमाइश में राहुल शिव गणेश लोधी ने समाजवादी पार्टी के टिकट से मजबूत दावेदारी पेश करते हुए न्यू वर्तमान विधायक राकेश सिंह को मात भारी मतों से मात दी।

विकास और सक्रियता के बलबूते हरचंदपुर की सियासत में श्रेष्ठ है राहुल लोधी


2022 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से विधायक बनने के बाद राहुल शिव गणेश लोधी की पहचान युवा विधायक के तौर पर प्रदेश भर में गूंजी और सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबियों में से एक माने जाने वाले राहुल लोधी की ऐसी पृष्ठभूमि आगामी विधानसभा चुनाव में काफी मजबूत आंकी जा रही है क्योंकि युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय और क्षेत्र की छोटी समस्याओं से लेकर बड़ी समस्याओं को सरकारी पटल पर तत्कालीन रखकर आवाम को लाभ पहुंचाना हो या फिर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का विकास रहा हो या फिर महापुरुषों का अस्तित्व पुनर्गठित कर सम्मान देना रहा हो बिजली की समस्या को जमीन पर उतरकर दुरुस्त कराना रहा हो कुल मिलाकर जनता की हर उम्मीद पर राहुल लोधी विधायक हरचंदपुर को खरा उतरता पाया गया है यही कारण है कि हरचंदपुर की जनता उनको दोबारा जनप्रतिनिधि के तौर पर देखना चाहती है और जनपद की सभी विधानसभा सीटों में से सबसे लोकप्रिय विधायक के तौर पर राहुल शिव गणेश लोधी खुद को स्थापित किए हुए हैं।

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