भारत में मार्क्स, लेनिन और हो ची मिन्ह के नाम पर बनी सड़कों का नाम बदलने की तैयारी

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
17/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत की पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में मार्क्स, लेनिन और हो ची मिन्ह के नाम पर बनी सड़कों, पुलों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने के प्रस्ताव की समीक्षा शुरू कर दी है।

राज्य सरकार ने सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों के नामकरण एवं नामकरण के संबंध में प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए 10 सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है।

समिति के अध्यक्ष स्वामी प्रदीप्तानंद यानी कार्तिक महाराज हैं।

समिति में मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता और कोलकाता महानगर पालिका की आयुक्त स्मिता पांडे सहित अधिकारी शामिल हैं।

समिति के अध्यक्ष प्रदीप्तानंद के मुताबिक लेनिन, कार्ल मार्क्स और हो ची मिन्ह के नाम पर बनी सड़कों के नाम बदलने के कई प्रस्ताव मिले हैं।

समिति सड़कों के नाम से संबंधित पहलुओं का अध्ययन करेगी जिसमें भारतीय और बंगाली इतिहास, संस्कृति और विरासत के साथ उनका संबंध भी शामिल है।

बताया जा रहा है कि पहली बैठक दुर्गा पूजा के बाद होगी और फिर समिति अपनी सिफारिशें संबंधित अधिकारियों को भेजेगी।

लेनिन की जगह देवप्रसाद घोष का नाम सुझा रहे हैं

समिति के सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के नेता तथागत राय ने ‘लेनिन सारणी’ सड़क का नाम बदलकर गणितज्ञ और भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष देव प्रसाद घोष के नाम पर करने का प्रस्ताव दिया है।

लेनिन स्ट्रीट का पुराना नाम ‘धर्मतला स्ट्रीट’ था। 1970 में रूसी क्रांतिकारी व्लादिमीर लेनिन की जन्म शताब्दी के अवसर पर इसका नाम बदल दिया गया था।

कार्ल मार्क्स की सूची में बंगाली कवि का नाम

यह प्रस्तावित किया गया है कि खिदिरपुर स्थित ‘कार्ल मार्क्स सारणी’ का नाम या तो माइकल मधुसूदन दत्त या 19वीं सदी के प्रसिद्ध बंगाली कवि रंगलाल बंद्योपाध्याय के नाम पर रखा जा सकता है। तथागत रे ने क्षेत्र के साथ इन लेखकों के संबंधों के आधार पर नाम बदलने का प्रस्ताव रखा।

कार्ल मार्क्स सरणी का पुराना नाम ‘सर्कुलर गार्डन रिच रोड’ था, जिसे वामपंथी शासन के दौरान मार्क्स के नाम पर रखा गया था।

हो ची मिन्ह सरणी का नाम मार्टिन लूथर किंग के नाम पर रखने का प्रस्ताव

‘हो ची मिन्ह ऐरे’ का नाम बदलकर अमेरिकी नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन लूथर किंग जूनियर करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

इस सड़क का पुराना नाम ‘हैरिंगटन स्ट्रीट’ था। वियतनाम युद्ध के दौरान, 1970 के दशक में इसका नाम बदलकर वियतनामी कम्युनिस्ट नेता हो ची मिन्ह के नाम पर रखा गया था।

अभी भी निर्णय होना बाकी है

समिति के सदस्य तथागत रे ने स्पष्ट किया है कि हालांकि नाम परिवर्तन का प्रस्ताव सार्वजनिक कर दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है।

उनके मुताबिक, दुर्गा पूजा के बाद समिति प्रस्ताव पर चर्चा कर सिफारिश तैयार करेगी और फिर संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस बीच राय की राय है कि कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके से लेनिन की मूर्ति हटाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया है कि शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम भारतीय नेता सरदार बल्लाभाई पटेल के नाम पर रखा जाना चाहिए।

इस प्रकार, कोलकाता की सड़कों के नाम बदलने के प्रस्ताव ने शहर के पुराने राजनीतिक इतिहास, औपनिवेशिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों को फिर से परिभाषित करने पर भी बहस शुरू कर दी है।

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