अर्बो की अदालती लड़ाई: एलोन मस्क ने ओपन-एआई और माइक्रोसॉफ्ट से 134 बिलियन डॉलर की मांग की

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
18/01/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – दुनिया की सबसे मशहूर शख्सियत और दुनिया के सबसे अमीर शख्स उधमीलन मस्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में क्रांति लाने वाली कंपनी ओपन-एआई के बीच विवाद अब चरम पर पहुंच गया है।

मस्क ने हाल ही में ओपन-एआई और माइक्रोसॉफ्ट से 134 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है।

विवाद की जड़ क्या है? ;

यह बात 2015 की है। उस समय Open-AI एक छोटा संगठन था। मस्क ने संगठन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय उन्होंने लगभग 38 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जो उस समय के कुल बजट का 60 प्रतिशत था।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उन्हें न केवल पैसा, बल्कि नाम, प्रतिष्ठा और व्यवसाय बढ़ाने के गुर भी सिखाए।

उन्होंने कहा, “अगर यह मेरे लिए नहीं होता, तो ओपन-एआई अस्तित्व में नहीं होता।”

अब ओपन-एआई बहुत सफल है। इसके द्वारा बनाया गया चैट-जीपीटी पूरी दुनिया में लोकप्रिय है।

शुरुआत में यह संगठन “मुनाफ़ा कमाने नहीं बल्कि लोगों का भला करने” के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन अब इसने माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर पैसा कमाने वाली बिजनेस कंपनी का रूप ले लिया है।

मस्क के मुताबिक कंपनी द्वारा कमाए गए अरबों डॉलर के वे भी हकदार हैं ।

प्रतिष्ठानों के प्रतिउपाय:

ओपन-एआई ने मस्क के दावों को “ध्यान भटकाने वाला अभियान” कहा। उनके मुताबिक मस्क की मांग गंभीर नहीं है और सिर्फ पब्लिसिटी के लिए है. माइक्रोसॉफ्ट ने भी कहा है कि उसकी कोई गलती नहीं है ।

उनके मुताबिक एक बार दान दे चुके व्यक्ति का वापस आकर प्रतिष्ठान (कंपनी) के मुनाफे में हिस्सा मांगना कानूनी तौर पर गलत है.

भविष्य का फैसला:

रॉयटर्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया के एक जज ने फैसला सुनाया है कि मामले का फैसला अब जनता की ओर से चुनी गई जूरी द्वारा किया जाएगा. इस ऐतिहासिक मामले की सुनवाई अगले अप्रैल से शुरू होगी ।

मस्क अब अपनी नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता, XAI ग्रोक चला रहे हैं, जो चैट-जीपीटी के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।

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