होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 नाविकों का बचाव शुरू

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – संयुक्त राष्ट्र की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (आईएमओ) ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे करीब 11,000 नाविकों यानी नाविकों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू कर दिया गया है।

यह बड़ा अभियान अमेरिका, ईरान, खाड़ी क्षेत्र के तटीय देशों और शिपिंग कंपनियों के सहयोग से चलाया जाएगा।

इस प्रक्रिया में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही कर सकें।

कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड में अंतरिम शांति समझौते पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बनने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया है।

स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी तौर पर हटा लिया है और 12 अरब डॉलर का फंड जारी किया है।

अमेरिका के इन फैसलों से संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कुछ कम हुआ है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने खाड़ी देशों का दौरा किया

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों का दौरा किया है।

उन्होंने उन देशों को स्पष्टीकरण देने के उद्देश्य से खाड़ी देशों का दौरा किया जो अमेरिका-ईरान समझौते के कार्यान्वयन पर संदेह कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई, बहरीन और कुवैत इस समझौते के कुछ पहलुओं को लेकर चिंतित हैं।

आशंका है कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में ईरान का प्रभाव और बढ़ सकता है।

इसके अलावा उनकी दिलचस्पी इस बात में भी है कि समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर कोई स्पष्ट शर्त नहीं है।

इसके अलावा संभावना है कि खाड़ी देशों से ईरान के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 300 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 28 लाख रुपये) का फंड मांगा जाएगा।

ऐसे में अमेरिका उन देशों को समझाने और समझौते का समर्थन करने के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा है।

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