कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा लेखपाल, इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित

 

पिपरौली/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार भले ही दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जमीन विवादों के त्वरित निस्तारण के दावे कर रही हो लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का एक गंभीर मामला सामने आया है। तहसील सहजनवा के ग्राम बनौड़ा निवासी एक पीड़ित न्याय के लिए तहसील से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है।
मिली जानकारी के अनुसार बनौड़ा निवासी भोला सिंह की ग्राम पंचायत जैतपुर , तहसील सहजनवा में आराजी नंबर- 1218 पर स्थित जमीन है। इस जमीन का कानूनी बंटवारा न्यायालय तहसील सहजनवा द्वारा राजस्व संहिता की धारा 116 के अंतर्गत काफी समय पहले ही किया जा चुका है। कोर्ट के इस फैसले की बकायदा राजस्व अभिलेखों में भी पुष्टि दर्ज है। न्यायालय ने इस संबंध में 17 जून 2025 को ही कब्जा दिलाने का स्पष्ट आदेश जारी कर दिया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आदेश पारित होने के एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी हल्का लेखपाल कृष्ण कुमार द्वारा पीड़ित को जमीन पर कब्जा दिलाने में लगातार आनाकानी की जा रही है। गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पीड़ित भोला सिंह ने एक शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने हल्का लेखपाल कृष्ण कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से लेखपाल का फोन या तो लगता नहीं है, और यदि लग भी जाए तो वह फोन उठाते नहीं हैं। उनकी तरफ से कभी कोई रिटर्न कॉल भी नहीं आती। हमें पूरा अंदेशा है कि लेखपाल दूसरे पक्ष से अनुचित लाभ प्राप्त कर एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं और जानबूझकर हमें हमारे हिस्से का कब्जा दिलाने से भाग रहे हैं।
न्यायालय के आदेश के बाद भी एक साल तक पीड़ित का भटकना सीधे तौर पर स्थानीय राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी को पत्र सौंपने के बाद इस लापरवाह लेखपाल पर क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित को उनकी अपनी ही जमीन पर कब्जा कब तक मिल पाता है।
उक्त संदर्भ में उपजिलाधिकारी सहजनवा केशरी नंदन तिवारी ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी नहीं है।
मै हल्का कानूनगो से दिखवा लेता हूं।

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