मक्का रक्षा समझौते पर सऊदी अरब की सफाई, परमाणु हथियारों और सैन्य गठबंधन के बारे में क्या कहा? भारत के लिए बड़ी राहत

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/08/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने शुक्रवार को मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये।

इस समझौते के तहत इनमें से किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

संयुक्त रक्षा के लिए मक्का अल-मुकर्रा शिखर सम्मेलन के दौरान हुए इस समझौते का उद्देश्य किसी भी तरह के हमले के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है।

इस समझौते से कई देशों की सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो गया है. ऐसे में सऊदी अरब ने इस समझौते को लेकर सफाई दी है।

सऊदी अरब के सार्वजनिक कूटनीति उप मंत्री डॉ. रायद करीमली ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का रक्षा समझौते पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह समझौता कोई सैन्य गुट या सांप्रदायिक ब्लॉक बनाने का प्रयास नहीं है।

न ही इसका संबंध किसी परमाणु महत्वाकांक्षा या हथियारों की होड़ से है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता खाड़ी, अरब और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ राज्य के मजबूत और रणनीतिक संबंधों की कीमत पर नहीं आया है।

उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में किसी भी देश की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और न ही इससे किन्हीं दो देशों के बीच तनाव बढ़ता है।

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