जवाहर नवोदय विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल,थालिया छोड़कर खड़े हुए छात्र अभिभावकों ने जताई नाराजगी

 

 

महराजगंज। जवाहर नवोदय विद्यालय में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा नौ के एक छात्र की थाली में परोसी गई दाल में मरा हुआ मेंढक दिखाई दिया। मेंढक देखते ही छात्र घबरा गया और उसने आसपास बैठे छात्रों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में कई छात्रों ने अपनी थालियां छोड़ दीं और भोजन की गुणवत्ता व साफ-सफाई को लेकर नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक करीब 570 छात्र-छात्राएं आवासीय रूप से अध्ययनरत हैं। बच्चों के लिए भोजन विद्यालय परिसर में ही तैयार किया जाता है। बताया गया कि रविवार सुबह करीब नौ बजे नाश्ते के बाद छात्रों को दाल, चावल और सब्जी परोसी जा रही थी। इसी दौरान कक्षा नौ के एक छात्र की थाली में दाल के अंदर मरा हुआ मेंढक नजर आया।
मेंढक दिखते ही छात्रों ने छोड़ी थालियां
छात्र ने जैसे ही दाल में मेंढक देखा, वह घबरा गया और शोर मचा दिया। आसपास बैठे छात्रों ने भी अपनी-अपनी थालियां देखनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते छात्रों में आक्रोश फैल गया और कई बच्चों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
वाइस प्रिंसिपल ने पहुंचकर संभाला मामला
हंगामे की सूचना मिलने पर विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें समझाकर शांत कराया। विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य की भी जांच कराई गई।
वाइस प्रिंसिपल दीपक कुमार ने बताया कि बच्चों के लिए दाल, चावल और सब्जी तैयार की गई थी। एक छात्र की थाली में मेंढक मिलने की शिकायत सामने आई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
अभिभावकों ने भी जताई नाराजगी
घटना की जानकारी मिलते ही कुछ अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। अभिभावकों का कहना था कि आवासीय विद्यालय में बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी बेहद गंभीर है। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
अभिभावकों ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय नहीं की गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। उनका कहना था कि बच्चों को भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता की विधिवत जांच होनी चाहिए।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल विद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मेंढक भोजन तैयार करते समय दाल में गिरा या भोजन की सफाई और परोसने के दौरान लापरवाही हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।
घटना के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय की भोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आवासीय विद्यालय में रहने वाले सैकड़ों बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित निगरानी कितनी गंभीरता से होती है, यह जांच के बाद सामने आएगा। अब नजर इस बात पर है कि जांच में लापरवाही किस स्तर पर सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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