त्रिशूली 3-ए सुरंग में कितने लोग हैं जहां से दो लोगों को जीवित बचाया गया था?

 

बचाव दल अभी तक बिजलीघर तक नहीं पहुंच पाया है

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – बचाव दल ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण की त्रिशूली 3-ए परियोजना की सुरंग से दो लोगों को जीवित बचाया।

10 दिनों के बाद आज सुबह इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और सुपरवाइजर कबीर महाराजन को सुरंग से सफलतापूर्वक जिंदा बचा लिया गया।

त्रिशूली 3ए परियोजना प्रमुख आवास ओझा के मुताबिक, बचाव दल ने इन दोनों लोगों को बिजलीघर की ओर जाने वाली सुरंग से बचाया।

उन्होंने कहा, “ये दोनों लोग बिजलीघर के रास्ते में जीवित पाए गए और उन्हें बचा लिया गया।
उन्हें अभी तक बिजलीघर तक नहीं पहुंचे है।”

उन्होंने यह भी बताया कि यह कहना संभव नहीं है कि उन्हें बिजलीघर से कितनी दूर बचाया गया क्योंकि सुरंग के अंदर अंधेरा है।

60 मेगावाट की यह परियोजना, जो चालू थी, बंद कर दी गई थी और समग्र रखरखाव (ओवरहालिंग) का काम चल रहा था।

जब ऐसा हुआ, तो नदी के पानी को बिजली घर में प्रवेश करने वाली सुरंग बंद कर दी गई।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण का अनुमान है कि सुरंग के अंदर पावर हाउस में 42 इंजीनियर और कर्मचारी फंसे हुए हैं। अनुमान है कि इनमें से अधिकतर पावर हाउस में हैं।

परियोजना प्रमुख ओझा ने यह भी बताया कि हालांकि सबसे पहले बचाये गये संजय साह ने कहा कि अंदर सभी लोग जीवित हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने लोग है।

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