डीआरडीओ की महिला वैज्ञानिकों की टीम ने डॉ. मीना मिश्रा से स्वदेशी चिप तकनीक में नया कीर्तिमान स्थापित किया

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
18/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारत में गैलियम नाइट्राइड (GaN) मोनोलिथिक माइक्रोवेव इंटीग्रेटेड सर्किट (MMIC) तकनीक विकसित की है।

यह तकनीक आधुनिक राडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और सैन्य संचार के लिए महत्वपूर्ण है।

इससे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के लिए अन्य देशों पर भारत की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

मुख्य भूमिका डॉ. मीना मिश्रा की है
इस उपलब्धि में डीआरडीओ की सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (एसएसपीएल) की निदेशक डॉ. मीना मिश्रा और उनकी टीम की अहम भूमिका है।

लैब लंबे समय से उन्नत सेमीकंडक्टर और माइक्रोवेव तकनीक पर काम कर रही है।

रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में इस स्वदेशी क्षमता को अगली पीढ़ी की रक्षा प्रणालियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।

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