अद्यतन: दुबई से इसराइल जा रहे विमान को मार गिराने के प्रयास के दौरान घायल भारतीय पायलट की बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बच गई विमान 17 हजार फीट नीचे गिरा

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
01/10/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – दुबई से इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद कहा जा रहा है कि मुख्य भारतीय पायलट स्मिट मोहर के अद्भुत साहस के कारण एक बड़ा हवाई हादसा टल गया।

आरोप है कि बुधवार को दुबई से इजराइल जा रहे एक विमान के सह-पायलट ने मुख्य पायलट को चाकू मार दिया और विमान को अपने नियंत्रण में लेने और दुर्घटना का कारण बनने का प्रयास किया।

घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के मुख्य पायलट (कैप्टन) स्मित महकर के साहस की खास तौर पर सराहना की है।

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन महकर ने हार नहीं मानी।

उन्होंने हमलावर का विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और हमलावर को वश में करने में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सहायता की।

नेतन्याहू के मुताबिक, स्मिट की हिम्मत से 174 लोगों की जान बचाई गई है। इनमें इजराइली नागरिकों के साथ-साथ दूसरे देशों के नागरिक भी शामिल थे।

उन्होंने कैप्टन चीफ पायलट को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।

सुत्र के मुताबिक, एक यात्री के मुताबिक, घटना के दौरान विमान अचानक काफी तेज गति से नीचे उतरा।

यात्रियों के कॉकपिट में पहुंचने और हमलावर को काबू में करने के बाद, विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट किया गया और सऊदी अरब में उतारा गया।

हालांकि इस घटना में यात्री सुरक्षित थे, लेकिन चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए।

फ्लाईदुबई के मुताबिक, हमले की असली वजह और मकसद की जांच की जा रही है।

इज़रायली अधिकारी इस घटना की संभावित आतंकवादी हमले के रूप में भी जांच कर रहे हैं।

लेकिन जांच पूरी होने तक घटना के मकसद के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है।

विमान के तेल अवीव पहुंचने के बाद यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। एयरपोर्ट पर रिश्तेदारों ने खुशी-खुशी अपनों का स्वागत किया।

कहा जाता है कि जब आसमान में किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा था तब कैप्टन स्मिट माखर द्वारा दिखाए गए साहस ने गंभीर चोटों के बावजूद सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

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