मानक विहीन घंटाघर की 66 लाख से ज्यादा की बनी सड़क को लेकर है रोष

 

रायबरेली शहर की मधुबन रेलवे क्रासिंग से लेकर प्रभु टाऊन और वहां से घंटाघर तक की नवनिर्मित सड़क पर आखिर ऐसा क्या है जो यह सड़क बनने से लेकर आज तक विवादों और चर्चा में बनी है। इस सड़क की दुर्दशा पर जब जनता ने आवाज उठाई तो जिले के बड़े बड़े नेताओंको इस सड़क की याद आई। विधायक से लेकर मंत्री तक इस सड़क के निर्माण में अपनी मेहनत जनता को दिखाने में लग गए। इनकी मेहनत भी रंग लाई और सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गया। क्योंकि सड़क पानी सीवर के समस्याओं से जनता ही रोज रूबरू होती है और इस जर्जर सड़क के निर्माण के समय जनता ने खुद अपना निरीक्षण किया और मानक के विरुद्ध बन रही सड़क के निर्माण में अपना विरोध खुद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के सामने दर्ज कराया। मीडिया में भी मामले को तूल देकर इस भ्रष्टाचार पर दुनिया की निगाह मोड दी। मजबूरन सड़क को बनवाएं जाने के लिए नगर पालिका के अधिकारी खुद मैदान में उतर पड़े क्योंकि सड़क जहां पहले 40 लाख की लागत की बताई जा रही थी वहीं सड़क पर अब बनने के बाद शिलान्यास पत्थरों पर पूरी सड़क के निर्माण में 66 लाख रुपए से भी ज्यादा की लागत दिखा दी। मजेदार बात यह है कि इस शिलान्यास पत्थरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, भाजपा के राज्य मंत्री दिनेश सिंह, भाजपा विधायक अदिति सिंह,कांग्रेस नगर पालिका अध्यक्ष शत्रुहन सोनकर दोनों वार्ड सभासद धर्मेन्द्र द्विवेदी और राम खेलावन बारी आदि का नाम लिखा हुआ है जो भी चर्चा में बना हुआ है । लोगो का कहना है कि सभी दलों के और जिम्मेदारों का नाम इसलिए लिखा है कि इस सड़क में हुए भ्रष्टाचार पर कोई आवाज न उठाएं। लेकिन व्यापारी नेताओं ने इस सड़क निर्माण में हुई धांधली पर अपनी आवाज उठाई है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रभाकर गुप्ता ने तो साफ कहा है कि सड़क के निर्माण के समय नगर पालिका के अधिकारियों ने उनके घर के बाहर की इंटरलॉकिंग को तोड़े जाने को लेकर नोक झोंक भी हुई थी। नगर अध्यक्ष केके गुप्ता ने कहा कि सड़क इतनी वी वी वी आई पी है कि अमृत योजना के तहत न तो सीवर लाइन ही डाली गई। जबकि पूरे शहर की अच्छी खासी सही सलामत हालत की सड़कों को ध्वस्त कर दिया गया। व्यापारी नेताओं ने बताया कि पालिका के अधिकारियों द्वारा बताया जाता है कि सड़क के दोनों ओर नाला बनाए जाने की बात कहते है। लेकिन नाला कब बनेगा और जब नाला बनेगा तो क्या फिर से सड़क खोदी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि अमृत योजना के तहत जब सीवर लाइन नहीं डाली गई तो क्या आने वाले समय में सीवर के लिए क्या फिर से सड़क ध्वस्त की जाएगी।

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