भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सांपों और मगरमच्छों को प्राकृतिक सुरक्षा

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/04/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा सांपों और मगरमच्छों को तैनात करने का प्रस्ताव वर्तमान में एक विचार और व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाना है जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पारंपरिक बाड़ लगाना संभव नहीं है।

*इस योजना से संबंधित मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:*

*संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान:*

4,096 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का लगभग 175 किमी हिस्सा घने जंगलों, नदियों और आर्द्रभूमि से होकर गुजरता है। इन ‘रिवराइन गैप्स’ में तार काटना तकनीकी रूप से बहुत कठिन है।

*प्राकृतिक बाधाएँ:* तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए इन जलमग्न और संवेदनशील क्षेत्रों में जहरीले साँपों और मगरमच्छों को ‘प्राकृतिक बाधा’ के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव है।
इसे ‘डिटरेंस-फर्स्ट’ रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

*आधिकारिक स्थिति:* सुत्रो के अनुसार, बीएसएफ मुख्यालय ने 26 मार्च 2026 को अपनी फील्ड इकाइयों को निर्देश भेजकर इसकी व्यवहार्यता पर रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, इसे लागू करने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

*चुनौतियाँ:* कई सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है।

घनी आबादी वाले इन इलाकों में बाढ़ के दौरान ये जीव स्थानीय निवासियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

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