ब्राज़ील ने भारत को रक्षा सौदे का प्रस्ताव दिया है। वह तेजस फाइटर जेट और प्रचंड हेलीकॉप्टर चाहता है, बदले में C-390 मिलेनियम विमान देने की पेशकश की है। दिल्ली में बातचीत जारी है, अब फैसला भारत करेगा।

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत और ब्राजील के बीच एक ऐतिहासिक और रणनीतिक रक्षा समझौता हो सकता है, जिसे ‘वस्तु विनिमय सौदे’ के रूप में देखा जा रहा है।

इस प्रस्ताव के तहत दोनों देश नगदी के बजाय सैन्य प्लेटफॉर्म का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

प्रस्ताव की मुख्य बातें:

ब्राजील की मांग:

ब्राजील भारतीय वायु सेना के बेड़े में तेजस एमके1ए लड़ाकू विमान और एलसीएच प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील करीब 32 तेजस और 24 प्रचंड हेलीकॉप्टर हासिल करना चाहता है।

ब्राजील की पेशकश:

बदले में ब्राजील ने भारत को अपने आधुनिक सी-390 मिलेनियम (C-390 मिलेनियम) मध्यम परिवहन विमान की पेशकश की है।

भारत की ज़रूरतें:

भारतीय वायु सेना (IAF) अपने पुराने सोवियत युग के An-32 विमान को बदलने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) कार्यक्रम के तहत 80 विमानों की तलाश कर रही है, जिसमें C-390 एक प्रमुख दावेदार है।

नवीनतम स्थिति और बातचीत (फरवरी 2026 तक):
स्थानीय विनिर्माण:

ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर ने भारत में सी-390 के विनिर्माण और रखरखाव (एमआरओ) के लिए महिंद्रा ग्रुप से हाथ मिलाया है।

रणनीतिक वार्ता:

दिल्ली में हाल की उच्च स्तरीय बैठकों में इस सौदे पर चर्चा हुई है। यदि समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है, तो तेजस को अपना पहला विदेशी खरीदार मिल सकता है, जो भारत के रक्षा निर्यात के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

तकनीकी लाभ:

सी-390 (26 टन) की पेलोड क्षमता इसे भारत के पहाड़ी इलाकों में ज़ोरावर लाइट टैंक जैसे भारी उपकरण ले जाने के लिए उपयुक्त बनाती है।

वर्तमान में, भारत सरकार इस “पारस्परिक” रक्षा साझेदारी के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है।

यदि निर्णय लिया गया तो यह ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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