जिसे इजराइल ने दुनिया से छिपाकर रखा, अब वही हथियार भारत को देगा! रोकना नामुमकिन, कांप उठेगा पाकिस्तान

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
27/02/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान एक बड़ी रक्षा डील होने जा रही है।

दुनिया भर के देश इस हथियार की मांग कर रहे हैं, लेकिन इजरायल ने इसे सिर्फ भारत को देने का फैसला किया है।

यह हथियार ब्रह्मोस मिसाइल से भी ज्यादा घातक बताया जाता है।

इजराइल ने उस उर्दू शायरी का उदाहरण पेश किया है, जिसमें शायर कहता है, ‘सारी दुनिया से किनारा करके, हमने खुद को फकत तुम्हारा करके रखा है’।

यह हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है जिसका नाम ‘गोल्डन होराइजन’ है।

पीएम मोदी के इजराइल पहुंचते ही हर पल चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं।

अब खबर है कि इजरायल ने भारत को ऐसे हथियार देने का ऐलान किया है, जो उसने दुनिया से छिपाकर रखा था।

यह हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है जिसका नाम ‘गोल्डन होराइजन’ है।

इसे सुखोई SU-30 MKI जैसे फाइटर जेट से लॉन्च किया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मिसाइल टर्मिनल चरण में मार्क 5 से भी अधिक गति तक पहुंचती है।

जबकि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की गति मार्क 3 के आसपास है। इतनी तेज गति के कारण इसे रोकना लगभग असंभव हो जाता है।

लक्ष्य: यह गहरे बंकरों, मजबूत किलों और यहां तक ​​कि परमाणु सुविधाओं को भी भेद सकता है।

रेंज: विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसकी रेंज 1,000 से 2,000 किमी तक हो सकती है, जो ब्रह्मोस (लगभग 800 किमी) से अधिक है।

लक्ष्य सटीकता:
इस मिसाइल को विशेष रूप से कठिन लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहां ब्रह्मोस जैसी क्रूज़ मिसाइलें मुश्किल से पहुंच सकती हैं।

इज़राइल ने इस उन्नत तकनीक को किसी अन्य देश के साथ साझा नहीं किया। दुनिया भर से मांग आई, लेकिन इजराइल ने भारत को तरजीह दी.
यह दोनों देशों के बीच बढ़ती मजबूत रक्षा साझेदारी का नतीजा है।’

पीएम मोदी ने इजराइल की संसद में कहा, ‘आज की अनिश्चित दुनिया में भारत और इजराइल जैसे विश्वसनीय साझेदारों के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है.’।

भारत 2035 तक अपनी बहुस्तरीय मिसाइल ढाल ‘सुदर्शन चक्र’ को पूरा करने की योजना बना रहा है।

इसमें रूसी एस-400, इजरायली बराक और घरेलू वायु प्रणालियाँ शामिल हैं। ये नए सौदे भारत की 15,106 किमी लंबी भूमि सीमा और 7,516 किमी लंबी तटरेखा को मजबूत करेंगे।

यह डील भारत और इजरायल के बीच नए सुरक्षा गठबंधन ‘हेक्सागोन ऑफ अलायंस’ की ओर इशारा करती है।

इसमें भारत, अरब-अफ्रीकी देश, ग्रीस, साइप्रस और एशियाई देश शामिल हो सकते हैं। कट्टरपंथी ताकतों और अस्थिरता के खिलाफ यह एक मजबूत कदम होगा।

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