भारत में 1947 से पहले के दस्तावेज़ मिले हैं, जो साबित करते हैं कि कालापानी क्षेत्र नेपाल का है

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
25/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र नेपाल के हैं, इस दावे की पुष्टि का मुख्य आधार 1816 की सुगौली संधि है, जिसमें काली नदी को नेपाल की पश्चिमी सीमा माना गया था।

ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक साक्ष्यों में उल्लेख है कि लिम्पियाधुरा से निकलने वाली नदी ही मुख्य काली नदी है और उससे पहले का क्षेत्र (कालापानी क्षेत्र) नेपाल की ओर है।

इसके अलावा, क्षेत्र के निवासियों द्वारा 1995 तक नेपाल सरकार को माल का भुगतान किए जाने का तथ्य भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य ऐतिहासिक एवं तथ्यात्मक आधार:

सुगौली संधि (1816):

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि से यह स्पष्ट हो गया कि काली नदी के पूर्व का क्षेत्र नेपाल का है।

ऐतिहासिक मानचित्र:

1816 से 1856 तक अंग्रेजों द्वारा प्रकाशित मानचित्रों में लिंपियाधुरा, काली नदी का मुहाना दिखाया गया है।

मालपोट और तीरो अभिलेख:

दार्चुला स्थित मालपोत कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि कालापानी क्षेत्र (नाबी, कुटी, गुंजी) के निवासी नेपाल को कर देते थे और राज्य की प्रशासनिक प्रक्रिया में भाग लेते थे।
काली नदी का मुहाना:

लिंपियाधुरा से बहने वाली नदी को मुख्य काली नदी माना जाता है, इसलिए दावा किया जाता है कि इसका पूर्वी हिस्सा नेपाल की ओर है।

प्रशासनिक अभिलेख:

वि.सं. इसमें बताया गया है कि नेपाल द्वारा उस क्षेत्र में 2018 तक कराई गई जनगणना के आंकड़े सुरक्षित हैं।

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