मूट कोर्ट से निखरता है विधि छात्रों का भविष्य, सेंट एंड्रयूज कॉलेज में हुआ आयोजन

 

गोरखपुर। विधि के क्षेत्र में सफल वकील या न्यायाधीश बनने के लिए केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि न्यायालय की वास्तविक कार्यप्रणाली की समझ और तर्क प्रस्तुत करने की कला भी जरूरी होती है। मूट कोर्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण अभ्यास है, जो छात्रों को कोर्टरूम का अनुभव देता है और उनके भीतर आत्मविश्वास, विश्लेषण क्षमता व कानूनी समझ विकसित करता है। इसी कड़ी में सेंट एंड्रयूज कॉलेज, गोरखपुर के विधि विभाग द्वारा शनिवार को मूट कोर्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुज अस्थाना, मंत्री, बार एसोसिएशन, सिविल कोर्ट, गोरखपुर उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस. डी. राजकुमार ने की। अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि मूट कोर्ट छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की वास्तविक समझ प्रदान करता है और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करता है।

विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मूट कोर्ट के माध्यम से छात्र न केवल कानून की बारीकियों को समझते हैं, बल्कि वकालत के दौरान जरूरी तर्क-वितर्क, प्रस्तुतीकरण और केस की तैयारी जैसे कौशल भी सीखते हैं। इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्रा, डॉ. तनवीर आलम, डॉ. परवेज आलम, डॉ. रंजना श्रीवास्तव एवं कुमार गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे और छात्रों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम में विधि तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने न्यायालयीन कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने वकील, जज और अन्य पक्षकारों की भूमिका निभाते हुए अपने कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन को उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने सराहा।

मुख्य अतिथि अनुज अस्थाना ने कहा कि मूट कोर्ट अभ्यास छात्रों के भीतर आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करता है, जो उन्हें निकट भविष्य में एक सफल अधिवक्ता या न्यायाधीश बनने में सहायक साबित होता है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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