सुशासन और जन-सेवा की नई रफ्तार, तकनीक 5जी सेवा भी 5जी : मायाशंकर

 

बड़हलगंज। हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां गति ही जीवन का दूसरा नाम बन चुकी है। मोबाइल स्क्रीन पर बफरिंग का चक्र घूमना आज की पीढ़ी को बर्दाश्त नहीं है। क्योंकि हम 5जी के युग में कदम रख चुके हैं। इंटरनेट की यह सुपर-फास्ट स्पीड केवल डेटा डाउनलोड करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि इसका सीधा प्रतिबिंब हमारे प्रशासनिक तंत्र और जन-सेवाओं में भी दिखना चाहिए।
यह बातें प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व जिपस मायाशंकर शुक्ल ने कही। वे मंगलवार को कस्बा स्थित अपने कार्यकाल पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब देश की तकनीक 5जी हो चुकी है, तो आम जनमानस को मिलने वाली सुविधाओं, सहयोग और शिकायतों के निपटारे की स्पीड भी 5जी स्पीड जैसी ही होनी चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों से आज के सजग नागरिक की यही सबसे बड़ी और वाजिब अपेक्षा है।
हमारे सरकार की मंशा भी यही है सही लाभ सही समय पर
सरकार की यह स्पष्ट और अटूट मंशा रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उचित समय पर मिला लाभ ही वास्तविक लाभ है। यदि किसी जरूरतमंद को चिकित्सा, शिक्षा, पेंशन या कृषि सहायता के लिए महीनों दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें तो उस योजना का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। सरकार चाहती है कि हर लाभार्थी को उसका हक बिना किसी कतार, बिना किसी बिचौलिए और बिना किसी देरी के सीधे और पारदर्शी तरीके से मिले। इस दौरान शुभम सिंह, गोविंद शुक्ला, पियूष दुबे, अनिल गुप्ता, विक्की जायसवाल, प्रदीप यादव, संजय साहनी आदि मौजूद रहे।

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