भारत-चीन सीमा विवाद फिर गरमाया, चीन के नए प्रशासनिक पदनाम पर भारत की कड़ी आपत्ति

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
15/04/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारत ने अपने क्षेत्र में स्थानों को “काल्पनिक नाम” देने के चीन के प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

रविवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसा कदम अस्वीकार्य है और इससे भारत-चीन संबंधों में और तनाव पैदा होगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में स्थानों के गलत नाम रखने की चीन की कोशिश पूरी तरह से खारिज की जाती है।

उनके अनुसार किसी भी स्थान का नाम बदलने से उसकी सार्वभौमिक स्थिति नहीं बदल सकती।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश और अन्य विवादित क्षेत्र हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बने रहेंगे।

इस बीच खबरें सामने आई हैं कि चीन ने अफगानिस्तान, अरुणाचल प्रदेश और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के पास अपने शिनजियांग प्रांत में एक नई प्रशासनिक काउंटी स्थापित की है।

कहा जाता है कि काउंटी का नाम “सेनलिंग” होगा, जो काशगर प्रान्त के अंतर्गत होगा।

भारत पहले ही चीन द्वारा “हेन” और “हेकांग” नामक काउंटियों की घोषणा पर आपत्ति जता चुका है।

लद्दाख क्षेत्र में अक्साई चिन समेत जमीन को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। भारत इन क्षेत्रों पर अपना अभिन्न क्षेत्र होने का दावा करता रहा है।

विश्लेषकों के मुताबिक, चीन के ताजा कदम से सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।

भारत ने चीन से एकतरफा निर्णय किए बिना बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

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