आखिरकार क्यों लेखपाल पंकज वर्मा अपने सरकारी आवास की छत से कूदकर किया आत्महत्या का प्रयास और क्या है पूर्व में सलोन में तैनाती के दौरान फर्जी वरासत करने का मामला,क्यों चुप है इस मामले में पूरा प्रशासन ?

 

रायबरेली। एक ओर जिलाधिकारी रायबरेली अपने कार्यों से जनता के भीतर शासन की मंशा को पहुंचाने का काम कर रही है। तो वहीं कुछ ऐसे भी है जो शासन प्रशासन की बात छोड़िए समाज को भी शर्मसार कर रहे हैं । जिले के ऊंचाहार में तैनात लेखपाल पंकज वर्मा अपने तमाम मामलों से चर्चा में बने हुए हैं। मजेदार बात यह है कि तमाम शिकायतों के बाद भी विभाग अभी तक पंकज वर्मा के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है। जबकि पंकज वर्मा आज टूटी-फूटी हालत में बिस्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं । लेकिन पंकज वर्मा की यह हालात कैसे हुई है पूरा ऊंचाहार तहसील प्रशासन जानता है । खुद एसडीएम ऊंचाहार की जानकारी में पूरा मामला है कि पंकज वर्मा नशे की हालत में तहसील परिसर में अपने सरकारी आवास की छत से कूद गए थे और उनकी पत्नी गुहार लगाते हुए एसडीएम की चौखट पर पहुंची थी कि किसी तरह उसके पति को बचा लिया जाए। वहां से घायल अवस्था में पंकज को 6 मई 2026 को ऊंचाहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उसके बाद देर रात जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां पर भी पंकज वर्मा अपनी हरकतों से बात नहीं आए और विभाग या अन्य किसी को लेखपाल पंकज वर्मा की इन हरकतों की जानकारी न होने पाए इसलिए पंकज वर्मा अस्पताल प्रशासन को बिना बताए भाग निकले जिसका भी रिकॉर्ड जिला अस्पताल में दर्ज है। पंकज ने छत से कूद कर आत्महत्या करने का प्रयास क्यों किया यह तो वह खुद बता सकते हैं । लेकिन सूत्र बताते हैं कि इससे पूर्व सलोन क्षेत्र में तैनाती के दौरान लहंगा परईया गांव में एक महिला की वरासत के मामले में हेराफेरी करके पंकज वर्मा ने पूरा नाम पता ही बदल दिया। सूत्र बताते हैं कि कलावती नाम की महिला का नाम तारावती और तारावती नाम की महिला का नाम कलावती के रूप में दिखाकर पूरी जमीन की वरासत दर्ज करवा दी। जिसकी अब जांच शुरू हो गई है और इस मामले में पंकज वर्मा की ही करतूत उजागर हो रही है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इस मामले में सलोन तहसील प्रशासन द्वारा लेखपाल पंकज वर्मा पर अग्रिम कार्यवाही भी शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि तिकड़मबाज लेखपाल अपने आप को इस मामले से बचा पाते हैं या भ्रष्टाचार के आरोप में उन कार्यवाही होती है । यही नहीं पंकज वर्मा पर उनकी पत्नी द्वारा मारपीट के दौरान गर्भपात की भी शिकायत जिलाधिकारी के पास दर्ज है। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला प्रशासन की ऐसी क्या वजह है कि योगी सरकार में एक लेखपाल लगातार उनकी सरकारी नीतियों पर बट्टा लगा रहा है और उसे पर कार्यवाही के नाम पर जिला प्रशासन मौन बना बैठा है।

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