चीन ने दोपहर में अंतरिक्ष में लेजर भेजकर दूरियां नापने में बड़ी सफलता हासिल की

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
18/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – अप्रैल 2025 में चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज (सीएएस) के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी सफलता हासिल की।

उन्होंने दुनिया में पहली बार ‘दिन के समय’ लेजर का उपयोग करके पृथ्वी और चंद्रमा के बीच चंद्र अंतरिक्ष में उपग्रह की सटीक दूरी को मापने में सफलता हासिल की।

आम तौर पर, ऐसी लेज़र रेंजिंग केवल रात में ही संभव थी क्योंकि तेज़ धूप ने प्रकाश को अवरुद्ध कर देता है।

इसके लिए वैज्ञानिकों ने युन्नान वेधशाला में 1.2-मीटर दूरबीन और विशेष ‘नियर-इन्फ्रारेड’ तकनीक का उपयोग किया है।

पृष्ठभूमि के शोर को फ़िल्टर करके, उन्होंने पृथ्वी से लगभग 130,000 किलोमीटर दूर ‘तियानडु-1’ नामक चीनी उपग्रह पर एक लेजर भेजा और सफलतापूर्वक उसका संकेत प्राप्त किया।

हालांकि यह दूरी चंद्रमा की सतह से कम है, लेकिन डायनास लेजर तकनीक से इस दूरी पर काम करना अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी क्रांति होगी।

इस तकनीक से न केवल रात में बल्कि चौबीसों घंटे अंतरिक्ष यान की निगरानी और सटीक नेविगेशन संभव हो गया है।

क्या आप मुझे लाए चंद्रमा हर साल पृथ्वी से लगभग 3.8 सेमी दूर जा रहा है, और इसका पता लेजर तकनीक से लगाया जाता है!

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