चंदा वसूली की जांच फाइल पहुंची कप्तान कार्यालय, मगर कप्तान को ही नहीं खबर!

बड़हलगंज थानेदार पर लगे आरोपों की रिपोर्ट गायब या दबाई गई? पुलिस महकमे की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल

गोरखपुर जनपद के  बड़हलगंज थाना प्रभारी पर लगे कथित चंदा वसूली के आरोपों की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर क्षेत्राधिकारी गोला द्वारा की गई थी। सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट लगभग एक सप्ताह पूर्व ही कप्तान कार्यालय को प्रेषित कर दी गई, लेकिन हैरत की बात यह है कि अब तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ही रिपोर्ट की जानकारी नहीं होने की चर्चा जोरों पर है।
बड़हलगंज के चर्चित थानेदार पहले से ही कथित चंदा वसूली के आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट भेजे जाने के बाद भी उसका संज्ञान न लिया जाना या उसकी स्थिति स्पष्ट न होना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
चर्चा इस बात की भी है कि यदि जांच रिपोर्ट वास्तव में कप्तान कार्यालय पहुंच चुकी है तो आखिर वह किस स्तर पर अटकी हुई है? क्या रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, या फिर विभागीय समन्वय की कमी के कारण मामला लंबित पड़ा है? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।
पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आमजन भी यह जानना चाहते हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष निकला और आरोपों में कितनी सच्चाई पाई गई। यदि जांच रिपोर्ट समय पर अधिकारियों तक नहीं पहुंच रही है, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी? क्या आरोपों के आधार पर कोई कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।

क्या कहते हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ द्वारा बताया गया कि मामला संज्ञान में है क्षेत्राधिकारी गोला की चंदा वसूली मामले का जांच किया जा रहा था, जांच रिपोर्ट आ गई है, जांच रिपोर्ट के आधार पर जो सही होगा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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