नगर पंचायत पिपराइच के विकास कार्यों की जांच अंतिम दौर में, बचे कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची त्रिस्तरीय कमेटी

पिपराइच नगर पंचायत में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच अब अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच कमेटी ने शुक्रवार को नगर पंचायत क्षेत्र का दोबारा दौरा किया और छूटे हुए निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

जांच कमेटी ने विभिन्न वार्डों में इंटरलॉकिंग सड़क, आरसीसी सड़क, नाली निर्माण, पटरी निर्माण और सेल्फी प्वाइंट सहित अन्य विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, कनिगाहें
वास्तविक स्थिति और संबंधित अभिलेखों का मिलान किया। टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई।

यह जांच नगर पंचायत के सभासदों संदीप गुप्ता, व्यास मुनी गुप्ता, शकुंतला देवी, रमजान अली और मनोज तिवारी की शिकायत पर शुरू हुई थी। सभासदों ने आरोप लगाया था कि कुछ विकास कार्यों में मानकों की अनदेखी और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। शिकायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मापदंडों और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।

मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। शुक्रवार को टीम ने उन कार्यों का भी निरीक्षण किया जो पिछली जांच के दौरान छूट गए थे। अधिकारियों ने विभागीय अभिलेख, कार्ययोजना, माप पुस्तिका (एमबी) और अन्य तकनीकी दस्तावेजों का परीक्षण किया।

जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी संकलित की, जिसे अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। सूत्रों के अनुसार, जांच कमेटी जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों या कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है।

अब रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

नगरपंचायत के विकास कार्यों को लेकर चल रही जांच क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।बचे हुए कार्यों का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।यदि शिकायतें सही पाई गईं तो यह मामला नगरपंचायत के लिए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन सकता है।

4
3
1
5
6
7
2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *