होर्मुज की लहरों पर ईरान का कब्ज़ा! 2,000 KM तक तबाही मचाने को तैयार शिकारी जहाज, अमेरिका के लिए ‘डेथ वारंट’!

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
23/02/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – ईरान और अमेरिका के बीच काफी तनातनी चल रही है. इसी बीच ईरानी की नेवी ने अपने ताकत का प्रदर्शन किया, जिसे देख हमला करने से पहले अमेरिका एक के लिए जरूर सोचेगा।

दरअसल, बीते मंगलवार यानी कि 17 फरवरी को ईरान नौसेना की दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी एडवांस शाहिद सुलेमानी-क्लास (Shahid Soleimani-class) कॉर्वेट का शक्ति प्रदर्शन किया है।

ईरान की नौसेना ने अभ्यास के दौरान ‘शाहिद सैयद शिराज़ी’ (Shahid Sayyad Shirazi) युद्धपोत से सय्याद-3जी (Sayyad-3G) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल वर्टिकल लॉन्च किया।

यह पहली बार है जब ईरान ने समुद्र से लंबी दूरी की इस हवाई रक्षा मिसाइल को दागकर अपनी ‘सी-डिनायल’ (समुद्री पहुंच रोकने) की रणनीति को दुनिया के सामने रखा है।

शाहिद सुलेमानी क्लास एक अदृश्य अजूब

ईरान का यह नया युद्धपोत महज एक जहाज नहीं, बल्कि तकनीक और हथियारों का एक चलता-फिरता किला है. इसकी खासियत यहां देखें-

कटमरैन डिजाइन (Catamaran Design): शाहिद सुलेमानी क्लास की सबसे बड़ी विशेषता इसका कटमरैन या दोहरी पतवार वाला डिजाइन है।

इसकी लंबाई लगभग 65-67 मीटर और विस्थापन 600 टन है. यह डिजाइन इसे समुद्र में अधिक स्थिरता और गति प्रदान करता है।

स्टील्थ तकनीक:

जहाज की बनावट में शार्प एंगल्स का उपयोग किया गया है, जिससे इसका रडार सिग्नेचर बहुत कम हो जाता है।

एल्युमीनियम से बनी इसकी पतवार इसे हल्का और रडार की नजरों से बचने में सक्षम बनाती है।
वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS): यह ईरान का पहला युद्धपोत है जो वर्टिकल लॉन्च सिस्टम से लैस है।

इसके डेक पर 16 छोटे सेल वायु रक्षा मिसाइलों (जैसे सय्याद-2/3 और नववाब) के लिए और 6 बड़े सेल लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों (जैसे अबू-महदी) के लिए लगाए गए हैं।

भारी भरकम हथियार:

इसमें एक 30 मिमी की ऑटो-कैनन, कई 20 मिमी की गैटलिंग गन और छह बॉक्स-लॉन्च एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं।

ईरानी अधिकारियों का दावा है कि भविष्य में यह 2,000 किमी तक मार करने वाली ग़दर-474 मिसाइल से भी लैस होगा.

क्या होर्मुज को बंद करेगा ईरान?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार की जीवनरेखा है। ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र पर उनका पूर्ण नियंत्रण है।

शाहिद सुलेमानी क्लास के ये जहाज अपनी 5,000 समुद्री मील की रेंज के कारण होर्मुज से लेकर ओमान की खाड़ी तक कहीं भी तैनात हो सकते हैं।

मदरशिप मिसाइल

ये युद्धपोत केवल मिसाइल दागने का काम नहीं करते, बल्कि ये छोटे ‘मदरशिप’ की तरह भी काम करते हैं. इनके पिछले हिस्से पर एक क्रेन और हेलिपैड है, जहां से तीन फास्ट अटैक क्राफ्ट (Speedboats) को लॉन्च और रिकवर किया जा सकता है. संकट की स्थिति में, ये जहाज दूर समुद्र में रहकर अपनी छोटी नावों के झुंड (swarm boats) को कमांड और कंट्रोल प्रदान करेंगे, जिससे व्यापारिक जहाजों और दुश्मन के युद्धपोतों को घेरना आसान हो जाएगा।

अमेरिकी प्रतिक्रिया

अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा, जो बहरीन में स्थित है, ईरान की इस बढ़ती ताकत पर पैनी नजर रखे हुए है।

अमेरिका ने हाल ही में अपने विमान वाहक पोतों और मानवरहित समुद्री वाहनों (USVs) को होर्मुज में तैनात किया है ताकि निगरानी बढ़ाई जा सके।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शाहिद सुलेमानी क्लास के जहाज ईरान की A2/AD (एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल) क्षमता को मजबूत करते हैं, जिसका मतलब है कि वे अमेरिकी विमानों और ड्रोनों के लिए आसमान में ‘नो-गो जोन’ बना सकते हैं।

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