“शिल्प और सृजन के देव भगवान विश्वकर्मा से कर्म-कौशल की प्रेरणा लें और प्रकृति की जीवन-रक्षक ढाल ओजोन परत के संरक्षण का संकल्प दोहराएं” — विनोद सिंह राठौर (प्रधानाचार्य)
गोरखपुर जनपद के , सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) रेलविहार, राप्तीनगर,में आज दिनाँक 16 /09/26 को ‘भगवान विश्वकर्मा जयंती’ एवं ‘विश्व ओजोन दिवस’ के पावन उपलक्ष्य में दोहरे शैक्षिक एवं पर्यावरणपरक कार्यक्रमों का अत्यंत भव्य, गरिमामयी और उल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती एवं देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन के साथ हुआ।
संपूर्ण कार्यक्रम का अनुशासित, ओजस्वी एवं गरिमामयी मंच संचालन मीडिया प्रभारी प्रेम सागर तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बबोधन में कहा:
“भगवान विश्वकर्मा जहाँ हमें पुरुषार्थ, सृजन और स्वावलंबन का मार्ग दिखाते हैं, वहीं ओजोन दिवस हमें सिखाता है कि विकास की अंधी दौड़ में हमें प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का दायित्व कभी नहीं भूलना चाहिए।”
विश्वकर्मा जयंती के मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ आचार्य कन्हैया लाल सिंह जी ने देवशिल्पी के आध्यात्मिक और पौराणिक स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भगवान विश्वकर्मा ब्रह्मांड के प्रथम वास्तुकार, अभियंता और शिल्पी हैं। स्वर्ग लोक, द्वारिका नगरी, हस्तिनापुर तथा देवताओं के दिव्य अस्त्र-शस्त्रों की रचना उनके अनुपम शिल्प-कौशल का प्रमाण है। वे श्रम, समर्पण और तकनीकी दक्षता के अधिष्ठाता देव हैं, जिनसे प्रत्येक विद्यार्थी को अपने कर्म के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा मिलती है।”
कार्यक्रम के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर जी ने दोनों विषयों पर सारगर्भित एवं प्रभावशाली उद्बोधन दिया।
उन्होंने कहा, “भारतीय ज्ञान परंपरा में सृजन और प्रकृति दोनों का संतुलन सर्वोपरि रहा है। भगवान विश्वकर्मा का जीवन हमें सिखाता है कि हाथ का हुनर और तकनीकी कौशल राष्ट्र को स्वावलंबी बनाते हैं। दूसरी ओर, विश्व ओजोन दिवस हमें चेतावनी देता है कि हमारा विकास पर्यावरण को विनाश की ओर न ले जाए। ओजोन परत पृथ्वी की वह अदृश्य सुरक्षा ढाल है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से समस्त जीव-जगत की रक्षा करती है। यदि हमें भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना है, तो दैनिक जीवन में प्रदूषण घटाना और प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना होगा।”
वहीं, विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या रुक्मिणी उपाध्याय जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे प्रयासों जैसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार और ऊर्जा की बचत करने का आह्वान किया।
द्वितीय सत्र में ‘विश्व ओजोन दिवस’ के उपलक्ष्य में विशेष वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विज्ञान जगत के मूर्धन्य विद्वानों ने सहभागिता की:
मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र पाल कोहली जी (सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं विज्ञान भारती के प्रांतीय अध्यक्ष): उन्होंने विद्यार्थियों को ओजोन क्षरण के वैज्ञानिक कारणों और इसके वैश्विक प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक जीवनशैली प्रकृति के अनुकूल है और विज्ञान भारती निरंतर युवाओं में वैज्ञानिक सोच के साथ पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रही है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय कुमार वर्मा जी (एसोसिएट प्रोफेसर – एमएमएमयूटी, पूर्व इसरो वैज्ञानिक एवं विज्ञान भारती की ग्लोबल साइंटिस्ट विंग के प्रांतीय उपाध्यक्ष): उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी और वायुमंडलीय परिवर्तनों पर सरल भाषा में प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को ऐसी ग्रीन तकनीकों (हरित प्रौद्योगिकी) के अनुसंधान की ओर बढ़ना चाहिए जो प्रकृति को क्षति न पहुँचाएँ।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया:
पर्यावरण संरक्षण गीत:विद्यालय के संगीताचार्य अभिषेक उपाध्याय जी के कुशल निर्देशन में प्रार्थना विभाग के भैया-बहनों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित अत्यंत सुमधुर, भावपूर्ण एवं कर्णप्रिय पर्यावरण गीत प्रस्तुत किया गया।
नुक्कड़ नाटक:संगीताचार्य अभिषेक उपाध्याय जी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने ‘ओजोन परत की रक्षा’ शीर्षक पर एक अत्यंत मार्मिक और संदेशप्रद नुक्कड़ नाटक का जीवंत मंचन किया, जिसमें ओजोन क्षरण के खतरों व पर्यावरण संतुलन के उपायों को दर्शाकर उपस्थित जनसमूह को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र पाल कोहली जी, विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय कुमार वर्मा जी, प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर जी एवं आचार्यों द्वारा विद्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं आचार्यों ने पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने की शपथ ली।
अंत में, संगीताचार्य अभिषेक उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत सामूहिक ‘कल्याण मंत्र’ (सर्वे भवन्तु सुखिनः…) के सुमधुर एवं सस्वर पाठ के साथ इस पावन व प्रेरणादायी दिवस का विधिवत समापन हुआ

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
