भारत ‘दलाल’ नहीं है: ईरान संघर्ष में दखल के आरोपों पर एस जयशंकर का स्पष्ट संदेश

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/03/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि भारत ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता करना चाहता है।

सर्वदलीय बैठक में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत खुद को पाकिस्तान की तरह “ब्रोकर” (मध्यस्थ एजेंट) की भूमिका में नहीं देखता है।

सुत्र के मुताबिक, जयशंकर ने बैठक में शामिल नेताओं से कहा कि मौजूदा स्थिति में भारत की भूमिका स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होगी।

उन्होंने कहा, ”भारत किसी भी संघर्ष में एक पक्ष या दलाल के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में खड़ा है।”

हाल ही में जैसे-जैसे ईरान को लेकर तनाव बढ़ा है, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं।

इस बीच, भारत भी बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में अपनी भूमिका निभा रहा है, लेकिन उसने स्पष्ट कर दिया है कि उसने औपचारिक रूप से मध्यस्थता स्वीकार नहीं की है।

विश्लेषकों के मुताबिक, जयशंकर का बयान इस बात का संकेत है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

एक तरफ भारत पश्चिमी देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है तो दूसरी तरफ उसने ईरान के साथ भी ऊर्जा और व्यापारिक रिश्ते कायम कर रखे हैं।

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