गोरखपुर। लोगों को आसान लोन और बेहतर वित्तीय सुविधाओं का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सहजनवां पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़ी एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति और मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस का दावा है कि आरोपितों ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपने जाल में फंसाया और करोड़ों रुपये की ठगी की। गिरफ्तार महिला के पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, अभियान ‘साइबर वज्र’ के तहत साइबर नोडल अधिकारी उपनिरीक्षक वैभव मिश्रा संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर रहे थे। जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते की जानकारी मिली, जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में संदिग्ध लेनदेन किए गए थे। जब उस खाते की गहराई से पड़ताल की गई तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि सहजनवां क्षेत्र के रहने वाले श्याम कुमार प्रजापति, उसकी पत्नी मनीषा और उनके कुछ साथियों ने मिलकर एक फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के नाम पर लोगों को आसान लोन दिलाने और आर्थिक मदद का भरोसा देकर उनसे रकम ऐंठी जाती थी। ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर बाद में निकाल लिया जाता था, ताकि पुलिस तक आसानी से सुराग न पहुंच सके।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इस कंपनी के बैंक खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 21 शिकायतें दर्ज हैं। इतना ही नहीं, इस गिरोह के खिलाफ चार अलग-अलग राज्यों में मुकदमे भी दर्ज मिले। इसके बाद सहजनवां थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
पुलिस अधीक्षक उत्तरी और पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी गीडा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर मनीषा, पत्नी श्याम कुमार प्रजापति, निवासी ग्राम पाली, थाना सहजनवां को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है। इन उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला और उसके पति के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी श्याम कुमार प्रजापति अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी ऑनलाइन लोन, निवेश योजना या फाइनेंस कंपनी पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच कर लें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक राकेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक सुरेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल दीनदयाल चौधरी और महिला कांस्टेबल अर्चना मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।

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