दलाई लामा समर्थित संस्था IATS का कार्यक्रम रोका गया मधेश में धार्मिक संघर्ष? खुला राज!

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
08/08/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – उच्च सूत्रों ने दावा किया है कि चीन ने काठमाण्डौ में दलाई लामा समर्थित संगठन इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर तिब्बती स्टडीज (आईएटीएस) के सम्मेलन को रोकने के लिए सुनसारी जिला में पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी मुसलमानों और रोहिंग्या शरणार्थियों का इस्तेमाल किया।

सूत्रों का दावा है कि चीन ने मधेश में धार्मिक विवाद पैदा कर सम्मेलन को रोकने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, हालांकि चीन ने शुरू से ही कूटनीतिक तौर पर इसे रोकने की कोशिश की।

काठमाण्डौ में नेपाल में चीनी राजदूत चांग माओमिंग ने 5 जुलाई को विदेश सचिव अमृत बहादुर राई से मुलाकात की और उन पर दबाव डाला।

लेकिन सूत्र ने यह भी दावा किया कि धार्मिक संघर्ष का सहारा लिया गया क्योंकि इस दबाव के कारण कार्यक्रम बंद नहीं होने वाला था।

इस दावे की पुष्टि के लिए जब आधार तलाशा गया तो पता चला कि ‘सुनसारी कांड दिखाकर सरकार ने ऐन वक्त पर कॉन्फ्रेंस रद्द करने के निर्देश दे दिए।’

विश्लेषक कह रहे हैं कि ‘अगर बाहरी दबाव और प्रायोजित संघर्ष के कारण कार्यक्रम रोका जाता है, तो इससे नेपाल की सार्वभौमिक निर्णय लेने की क्षमता और स्वतंत्र विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।’

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