मुगल आक्रमणकारी बाबर की धरती है उज्बेकिस्तान, पीएम मोदी ने दिया सर्वोच्च सम्मान, उज्बेकों को माना जाता है राष्ट्रीय नायक

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
03/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार-रविवार को उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए हैं।

उनकी यात्रा ने एक बार फिर भारत और मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने संबंधों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

उज्बेक राजधानी ताशकंद भारतीयों के लिए कोई नया नाम नहीं है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 के युद्ध के बाद इसी शहर में शांति संधि पर हस्ताक्षर किये गये थे।

इस शहर के साथ एक बुरी याद इसलिए भी जुड़ी हुई है क्योंकि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु ताशकंद में हुई थी।

ताशकंद के अलावा उज्बेकिस्तान में भी एक ऐसा शहर है, जिसका भारत से रिश्ता मुगल काल से है। अंदिजान पहाड़ों में बसा एक शहर है।

अदिति भादुड़ी ने अवज़दावैस में अपने एक लेख में अंदिजान को भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का सबसे अच्छा उदाहरण और पुल बताया है।

अंडीजान उज्बेकिस्तान के टीएन शान में फ़रगना घाटी और पामीर पर्वत की तलहटी के बीच स्थित है।

इसी शहर में बाबर का जन्म हुआ था, जिसने लोधी को हराकर दिल्ली में मुगल काल की नींव रखी और क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा।

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