अमेरिका से युद्ध में न झुकने के ईरान के रुख पर संयुक्त राष्ट्र के मंच से दी कड़ी चेतावनी

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियान ने साफ कर दिया है कि ईरान अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि ईरान को सैन्य और आर्थिक दबाव से प्रभावित नहीं किया जा सकता और उनका देश अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

पेज़ेशकियान ने अमेरिका की धमकी भरी बयानबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि दबाव की भाषा शांति का रास्ता नहीं है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया था और उसे अपने क्षेत्र की रक्षा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उनके अनुसार, बाहरी दबाव ईरानी लोगों को झुकने के बजाय अधिक एकजुट करेगा।

हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी राजनयिक समाधान का विरोध नहीं करता है।

पेज़ेशकियान ने कहा कि आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत और बातचीत के जरिए युद्ध को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन धमकियां, सैन्य दबाव या जबरदस्ती स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु अधिकार बरकरार रहेंगे।

उनका भाषण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महासभा में संबोधन के एक दिन बाद आया।

ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

ऐसी तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में, पेज़ेशकियान के भाषण ने ईरान की प्रतिरोध और कूटनीति दोनों को आगे बढ़ाने की नीति का प्रदर्शन किया।

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