चुनाव और शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाली अभिव्यक्तियों पर रोक लगाने का आयोग का अनुरोध

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
27/01/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने चुनाव और शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाले नफरत भरे भाषण को रोकने के लिए कहा है ।

आयोग के प्रवक्ता टीकाराम पोखरेल ने मंगलवार को एक बयान जारी कर सरकार से शांति एवं सुरक्षा स्थिति को और मजबूत करने का आग्रह किया ।

आयोग ने कहा, “जैसा कि आगामी 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राजनीतिक दलों के जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए आरोपों, घृणास्पद अभिव्यक्तियों और असीमित आरोपों पर गंभीरता से ध्यान आकर्षित किया है।”

आयोग का मानना ​​है कि नफरत भरे भाषण से अराजकता को बढ़ावा मिलेगा और चुनाव के दौरान शांति और सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा ।

यद्यपि मानवाधिकारों पर संविधान और अंतर्राष्ट्रीय कानून अभिव्यक्ति और राय की स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं,।

आयोग का कहना है कि जो मामले दूसरों की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकते हैं उन्हें स्वतंत्रता का मामला नहीं माना जा सकता है।

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