F-22 जेट की तैनाती भारत की महाशक्ति इजराइल में पीएम मोदी की दमदार लैंडिंग से बौखलाया पाकिस्तानपीएम मोदी इजराइल में

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
26/02/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचे।

इससे पहले अमेरिका अपने सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक F-22 को इजरायल में तैनात कर चुका है।
ऐसे में पीएम मोदी की लैंडिंग बेहद ऐतिहासिक होने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचे। भारत की महान शक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पत्नी के साथ बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया. इसे ऐतिहासिक दौरा बताया जा रहा है।

ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने मंगलवार को इजराइल में 12 अमेरिकी F-22 फाइटर जेट लॉन्च किए, जो दुनिया के सबसे एडवांस फाइटर जेट में से एक हैं।
ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने इजरायली एयरबेस पर ये स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं।

माना जा रहा है कि 25 और 26 फरवरी का यह दो दिवसीय दौरा इजरायल में भारत की ताकत दिखाने के लिए निर्धारित है।

हालांकि इस दौरे से पहले ही पाकिस्तान के पेट में दर्द शुरू हो गया है. उनकी जल्दबाजी इस हद तक बढ़ गई कि उन्होंने सीनेट में भारत की तरफ बांहें फैला दीं और इजराइल के खिलाफ प्रस्ताव भी पारित कर दिया।

सुत्र के अनुसार, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव के बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के साथ ही भारत और इज़राइल अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं।

इसका श्रेय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारतीय प्रधानमंत्री के साथ उनकी घनिष्ठ मित्रता को दिया जाता है।

रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटा.) जेएस सोढ़ी भी यही मानते हैं, तभी नेतन्याहू खुद पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंचे।

भारत को मिलेगी इजरायली रक्षा तकनीक

पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष एक सुरक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत भारतीय और इजरायली रक्षा उद्योग प्रौद्योगिकी की साझेदारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।

दोनों देश संयुक्त रूप से भारत में हथियार प्रणाली विकसित करेंगे।
दोनों पक्ष वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक सहयोग को गहरा करके अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

इस दौर में 10 अरब डॉलर का बड़ा रक्षा सौदा संभव है। खास तौर पर आयरन डोम सुरक्षा मुहैया कराने के लिए इजराइल के साथ डील की जा सकती है।

भारत इजरायल के साथ बैलिस्टिक मिसाइल शील्ड, लेजर हथियार, ड्रोन और लंबी दूरी की स्टैंड-ऑफ मिसाइलों पर डील कर सकता है।

साथ ही, डेविड स्लिंग और एरो जैसे उन्नत सिस्टम पर भी समर्थन बढ़ाया जा सकता है।

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