मानवाधिकार आयोग का सरकार को मीडिया को प्रभावी ढंग से विनियमित करने का निर्देश

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
12/05/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सरकार को ऑनलाइन मीडिया को प्रभावी ढंग से विनियमित करने का निर्देश दिया है।

पिछले शुक्रवार को मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार को कुछ निर्देश भेजने का उल्लेख करते हुए आयोग ने ऑनलाइन मीडिया के नियमन को प्राथमिकता दी।

आयोग ने कहा कि गलत और भ्रामक जानकारी और फर्जी खबरों का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और इसे रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित न हो।

आयोग को सामाजिक नेटवर्क के पंजीकरण, दस्तावेज़ीकरण और प्रभावी विनियमन के लिए कानूनी व्यवस्था करनी है।

गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की दो जांचों को रोके जाने की पृष्ठभूमि में आयोग ने सरकार को सुझाव दिया है कि इसमें कम प्राथमिकता वाले विषयों को शामिल किया जाए।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले साल मार्च में तिनकुने में हुई हिंसक घटना और पिछले अगस्त में जेनजी आंदोलन के दमन की जांच की।

जांच टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद आयोग ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया।

आयोग ने महत्वपूर्ण मुद्दे रखकर मीडिया विनियमन, मौलिक अधिकारों के कार्यान्वयन आदि पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

आयोग ने कहा कि नेपाल के संविधान में उल्लिखित मौलिक अधिकारों को लागू नहीं किया गया है और सरकार का ध्यान मौलिक अधिकारों के कार्यान्वयन की ओर आकर्षित किया है।

आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 18 में उल्लिखित हाशिये पर पड़े समुदायों की स्पष्ट कानूनी परिभाषा मांगी है।

इसमें संविधान के अनुरूप निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की बात कही गयी है तथा समुदाय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के बीच समान शैक्षणिक गुणवत्ता की व्यवस्था करने की बात कही गयी है।

मानवाधिकार आयोग ने बेघर दलितों के लिए आवास मुहैया कराने, रोजगार के अधिकार के क्रियान्वयन के लिए नौकरियां पैदा करने को कहा है।

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