मरम्मत के नाम पर लाखों का खेल या मानकों की अनदेखी? जगह-जगह दरार और उभार से ग्रामीणों में आक्रोश, तकनीकी जांच की मांग

महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक के जड़ार से बरियारपुर को जोड़ने वाली सड़क की हाल में कराई गई मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मार्च 2026 के आसपास मरम्मत के बाद महज दो-तीन महीने में ही सड़क जगह-जगह फटने लगी और कई स्थानों पर सड़क की सतह फूलकर ऊपर उठ गई। सड़क की यह हालत देख ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक किलोमीटर सड़क की मरम्मत के दौरान पहले गिट्टी बिछाई गई। इसके बाद रोलर चलाकर सड़क को तैयार किया गया। आरोप है कि बड़ी गिट्टी के ऊपर मिट्टी और महीन पत्थर का चूर्ण डालकर सतह को समतल किया गया और अंतिम चरण में तारकोल मिश्रित गिट्टी डालकर मशीन से सड़क तैयार कर दी गई। निर्माण के बाद सड़क कुछ समय तक चमचमाती नजर आई, लेकिन वाहनों का आवागमन शुरू होने के बाद सड़क की परत में जगह-जगह दरारें पड़ने लगीं और कई हिस्से उभरने लगे।
बरसात में गड्ढों में तब्दील होने का डर
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान पानी सड़क की परत के नीचे पहुंचकर नुकसान को और बढ़ा सकता है। ऐसे में जो सड़क अभी कुछ महीने पहले ही ठीक कराई गई थी, वह जल्द ही गड्ढों में तब्दील हो सकती है।
दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है सड़क
जड़ार-बरियारपुर मार्ग से जड़ार, बरियारपुर, पिपरपाती, बासपार, जमुनिया, बिन्दवलिया, सोहरौना तिवारी, पिपरिया समेत आसपास के कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने से विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और रोजाना सफर करने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीण बोले—जांच हो तो सामने आएगी हकीकत
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, मोटाई और निर्धारित मानकों के पालन की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क का स्थलीय निरीक्षण करें और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराएं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था से मानक के अनुरूप सड़क की दोबारा मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क की गुणवत्ता खराब होने के कारणों की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र स्थलीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *