भारत से धोखा खा कर मालदीव ने चीन को चुना, थिलापुशी पोर्ट के लिए बदनाम चीनी कंपनी से की डील!

 

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
08/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – मालदीव ने भारत को एक बार फिर धोखा दिया है।

उसने वादा किया था कि थिलापुशी बंदरगाह को भारत के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा, लेकिन अब मालदीव अपने वादे से पीछे हट गया है।

मालदीव ने इस परियोजना के पहले चरण के विकास के लिए एक कुख्यात चीनी कंपनी के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है।

इससे भारत के दक्षिणी पड़ोस में चीन की मौजूदगी बढ़ सकती है।

रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है
मालदीव पोर्ट्स लिमिटेड ने हाल ही में चीन की हार्बर इंजीनियरिंग कंपनी (CHEC) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इसके तहत बंदरगाह परियोजना का काम सीएचईसी के ‘एकल नामांकन’ के आधार पर दिया गया है।

आश्चर्य की बात यह है कि CHEC का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है।

श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह के अलावा, CHEC दक्षिण अमेरिका, केन्या और प्रशांत क्षेत्र में बंदरगाह परियोजनाओं में भी शामिल रहा है।

यह चीनी कंपनी वित्तीय और परियोजना संबंधी अनियमितताओं के लिए बदनाम रही है। CHEC की मूल कंपनी CCCC है।
वह गुयाना एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में शामिल थीं।

केन्या में नैवाशा अंतर्देशीय कंटेनर डिपो परियोजना।
नाउरू बंदरगाह पुनर्विकास परियोजना।

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