संयुक्त सैन्य अभ्यास और मजबूत रक्षा संबंधों के बीच दूरी के बावजूद इजराइल फिर से भारत का करीबी दोस्त क्यों नहीं बन पाता?

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
09/09/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – भारतीय वायुसेना इस महीने 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर एयरफील्ड पर कई देशों के साथ संयुक्त अभ्यास करने जा रही है।

इसमें हिस्सा लेने के लिए जापान ने भी अपने घातक F-2 फाइटर जेट भेजे हैं। इसके अलावा अमेरिका अपना F-35 स्टील्थ फाइटर जेट भेजने जा रहा है।

भारत नियमित रूप से कई देशों के साथ बड़े द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास करता रहता है।

जैसे अमेरिका के साथ ‘युद्ध अभ्यास’ और ‘वज्र प्रहार’, फ्रांस के साथ ‘वरुण’, ‘शक्ति’ और ‘गरुड़’, जापान, नेपाल, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, सिंगापुर, मंगोलिया और रूस के साथ ‘वीर गार्जियन’ भी अलग-अलग युद्धाभ्यास शामिल हैं।

लेकिन भारत के प्रमुख सुरक्षा और रक्षा साझेदारों में से एक इज़राइल लगातार उन देशों की सूची में शामिल नहीं है जिनके साथ भारत संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है।

यह काफी आश्चर्यजनक है क्योंकि दोनों देश रणनीतिक साझेदार हैं और इज़राइल भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है।

इसके अलावा इजराइल भारत से बड़ी मात्रा में हथियार भी खरीदता है।

सिप्री की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच भारत के हथियारों के आयात का 15 फीसदी हिस्सा रूस और फ्रांस के बाद इजरायल ने सप्लाई किया।

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