अभिभावक और शिक्षक एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं; दोनों के साझा प्रयासों से ही भावी पीढ़ी का स्वर्णिम निर्माण संभव है” — विनोद सिंह राठौर (प्रधानाचार्य)

सरस्वती शिशु मंदिर रेलविहार में ‘छात्र-अभिभावक जागरण कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन: संस्कार, संवाद और समन्वय से ही संभव है विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास

गोरखपुर,जनपद में आज दिनाँक 21/ 09/ 2026 को राप्ती नगर रेल विहार स्थित सरस्वती शिशु मन्दिर के प्रांगण मे आज ‘छात्र-अभिभावक जागरण कार्यक्रम’ का अत्यंत गरिमामयी, प्रेरणादायी एवं उद्देश्यपूर्ण वातावरण में आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षिक, मानसिक और नैतिक विकास में विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद और सक्रिय सहभागिता को सुदृढ़ बनाना रहा।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ।

संपूर्ण कार्यक्रम का अत्यंत कुशल, सुव्यवस्थित एवं ओजस्वी मंच संचालन विद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रेम सागर तिवारी जी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने सारगर्भित विचारों और प्रेरक उद्बोधनों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम को अनुशासित व ऊर्जावान बनाए रखा।

कार्यक्रम के आरंभिक सत्र में विद्यालय के संगीताचार्य अभिषेक उपाध्याय जी ने अत्यंत सुरीले, भावपूर्ण एवं भक्तिमय स्वर में एकल गीत— “बसो मेरे नयन में सियाराम…” की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण सभागार आध्यात्मिक चेतना और दिव्यता से सराबोर हो गया।

मुख्य अतिथि निवेदिता सिंह जी: सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि निवेदिता सिंह जी ने कहा, “परिवार ही बालक की प्रथम पाठशाला और माता-पिता प्रथम गुरु होते हैं। आज के डिजिटल युग में बच्चों को केवल भौतिक सुविधाएँ देना पर?

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