गोरखपुर जनपद के सदर तहसील सभागार में शनिवार को तहसील समाधान दिवस का आयोजन एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान तहसील क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से पहुंचे फरियादियों ने जमीन विवाद, अवैध कब्जे, नामांतरण, चकरोड और चकनाली पर अतिक्रमण सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान, नायब तहसीलदार अन्नू सिंह, सीओ चकबंदी सुनील सिंह सहित राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
समाधान दिवस में हसीना खातून पत्नी मसिहुज्जमा खान, निवासी सोहनपुर उर्फ सोनकटिया, थाना श्यामदेउरवा, जिला महराजगंज ने अपनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत अधिकारियों से की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 24 अगस्त 2021 को मौजा फत्तेपुर, तप्पा खुटहन, परगना हवेली, तहसील सदर स्थित आराजी संख्या 38 मि., रकबा 1742 वर्गफीट भूमि पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदी थी। उनके अनुसार भूमि पर एक कमरा और टिनशेड बना था तथा उन्होंने बाउंड्री कराकर गेट लगवाया और जमीन को सुरक्षित रखा था।
हसीना खातून ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 20 सितंबर 2026 को जलालुद्दीन पुत्र अब्दुल हफीज निवासी पीपीगंज अपने साथ 10-15 लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और जेसीबी मशीन से उनकी बाउंड्री तथा कमरे का टिनशेड गिरा दिया। शिकायतकर्ता ने कमरे में रखा सामान भी उठाकर ले जाने का आरोप लगाया। इसके बाद जमीन पर पक्का निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास किए जाने की बात कही गई है। सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद दोबारा जमीन को घेरकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वहीं, समाधान दिवस में मकान संख्या 45, मोहल्ला तकिया कवलदह से संबंधित नामांतरण का पुराना विवाद भी अधिकारियों के सामने आया। सुशीला सिंह पत्नी अशोक कुमार सिंह की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में नगर निगम गोरखपुर के जोन चार में स्थित मकान के नामांतरण को लेकर पूर्व में हुई कार्रवाई और न्यायालयीन मामलों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि नामांतरण समिति ने 10 अक्टूबर 2001 को प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर उक्त मकान पर सुशीला सिंह का नाम दर्ज किया था। बाद में न्यायालयीन विवाद और विभिन्न आदेशों के कारण संपत्ति के नाम को लेकर स्थिति बदल गई।
शिकायत में पुराने सिविल वाद संख्या 899/2001 सहित न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 4 अप्रैल 2023 को मुकदमे के निस्तारण के बाद संपत्ति के नामांतरण की वर्तमान स्थिति की दोबारा जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवादित संपत्ति के संबंध में पूर्व में हुए बैनामे और नामांतरण की प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और न्यायालयीन आदेशों की जांच कर नामांतरण समिति द्वारा 10 अक्टूबर 2001 को दर्ज किए गए सुशीला सिंह के नाम को पुनः अंकित कराने की मांग की है।
समाधान दिवस में लाल बहादुर शुक्ला पुत्र स्व. गंगा शुक्ला, निवासी जंगल रामगढ़ उर्फ रजही ने भी चकरोड और चकनाली की भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी आराजी संख्या 574 है और उनके चक के पश्चिम तरफ उत्तर-दक्षिण दिशा में चकरोड एवं चकनाली स्थित थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा आराजी संख्या 518 से संबंधित जमीन को चकरोड की भूमि में कब्जा कराया जा रहा है। इससे आसपास के काश्तकारों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चकरोड एवं चकनाली की भूमि को लेकर ग्राम प्रधान से आपत्ति जताने पर उन्हें यह कहा गया कि उक्त जमीन की देखरेख ग्राम प्रधान के अधिकार में है। उन्होंने प्रशासन से मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराने तथा राजस्व कर्मचारियों के माध्यम से चकरोड और चकनाली की सरकारी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। साथ ही सरकारी अभिलेखों के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराकर यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
तहसील समाधान दिवस में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों की शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फरियादियों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
