77वें गणतंत्र दिवस पर एम्स गोरखपुर में हुआ भव्य आयोजन

अवधेश पाण्डेय जिला संवाददाता गोरखपुर

गोरखपुर।
संस्थान में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गरिमामय एवं भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशिका एवं सीईओ मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके पश्चात सुरक्षा कर्मियों द्वारा अनुशासित एवं प्रभावशाली परेड प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे परिसर में देशभक्ति का वातावरण उत्पन्न कर दिया।
समारोह में एमबीबीएस एवं नर्सिंग छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने संविधान, स्वतंत्रता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशिका मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने सभी फैकल्टी सदस्यों,नर्सिंग अधिकारियों, छात्रों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया भारतीय संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। न्याय,स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व संविधान की आत्मा हैं।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों,सैनिकों एवं सुरक्षा बलों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, विज्ञान और विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से भी देश को सशक्त किया जाता है। एक मेडिकल संस्थान में हर उपचार, हर सर्जरी और हर शोध राष्ट्र सेवा का ही एक रूप है।
कार्यकारी निदेशिका ने बताया कि बीता वर्ष संस्थान के लिए ऐतिहासिक रहा। संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया, जिससे संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
क्लिनिकल सेवाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि संस्थान में सुपरस्पेशियलिटी सेवाएँ जोड़ी गई हैं, आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है तथा मरीजों की सुविधा हेतु डे-केयर वार्ड प्रारंभ किया गया है। प्राइवेट वार्ड एवं अत्याधुनिक कैथ लैब की शुरुआत के प्रयास भी जारी हैं।
जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कार्यकारी निदेशिका ने बताया कि येलो फीवर वैक्सीनेशन सेवा प्रारंभ की गई है, कैंसर उपचार एवं रेडियोथेरेपी सेवाओं का विस्तार हुआ है तथा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीण एवं वंचित वर्ग तक सेवाएँ पहुँचाई गई हैं। ओपीडी सेवाओं में स्मार्ट कार्ड सुविधा उपलब्ध कराई गई है और शीघ्र ही कैश अथवा क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीकरण समाप्त किया जाएगा। मरीजों के लिए कम लागत वाली रैन बसेरा सुविधा भी शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला सेवाएँ अब संस्थान द्वारा स्वयं संचालित की जा रही हैं। पैरामेडिकल कोर्स प्रारंभ किए गए हैं तथा पूर्व में शुल्क वाले कई परीक्षण अब निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कार्यकारी निदेशिका ने कहा कि संस्थान में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सीएमई कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिससे विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान से जुड़ने का अवसर मिला। पीडीएफ कोर्स भी प्रारंभ किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए खेलकूद एवं जिम की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं तथा आधुनिक लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है। इंटर-कॉलेज खेल प्रतियोगिताओं में संस्थान की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी भी जीती।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा एक मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें खेलों के स्टॉल, हस्तनिर्मित आभूषणों के स्टॉल तथा विविध प्रकार के खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए। इस मेले में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और संगठन क्षमता देखने योग्य रही। विद्यार्थियों के साथ-साथ फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।
अपने संबोधन के अंत में कार्यकारी निदेशिका मेजर जनरल डॉ.विभा दत्ता ने कहा कि संस्थान की इन सभी उपलब्धियों के पीछे फैकल्टी,नर्सिंग अधिकारी, तकनीकी एवं प्रशासनिक स्टाफ की निष्ठा तथा विद्यार्थियों की ऊर्जा है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में संस्थान उत्कृष्टता,नवाचार, मानवता और टीम भावना के साथ राष्ट्र सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहेगा।
समारोह का समापन “जय हिंद” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ हुआ।

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