होर्मुज़ जलडमरूमध्य युद्ध-पूर्व स्थिति में नहीं लौटेगा, हम आरोप लगाएंगे: ईरानी स्पीकर

उप सम्पादक जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
18/06/2026

काठमाण्डौ,नेपाल – ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर ग़ालिबफ़ ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौते के विपरीत, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से शुल्क लिया जाएगा।

स्पीकर ग़ालिबफ़ ने सरकारी टेलीविज़न को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य अपनी युद्ध-पूर्व स्थिति में वापस नहीं आएगा।

उन्होंने कहा, “होर्मुज़ जलडमरूमध्य अपनी युद्ध-पूर्व स्थिति में वापस नहीं आएगा,।”

उन्होंने कहा, “इस जलमार्ग पर ईरान का संप्रभु अधिकार है और इसकी सेवाओं के लिए उससे शुल्क लिया जाएगा।”

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में इस बात का जिक्र है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स नहीं वसूलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए वर्चुअल तरीके से समझौते पर हस्ताक्षर किये।

14 सूत्रीय समझौते को ‘समझौता ज्ञापन’ (एमओयू) कहा जाता है।

एमओयू में कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

ईरानी संसद के अध्यक्ष ग़ालिबफ़ ने भी टिप्पणी की है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौता कमज़ोर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करेगा तो वह एक और हमला करेगा।

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