रायबरेली की तेजाब पीड़िता अपने न्याय के लिए जिले के आलाधिकारी और महिला कल्याण विभाग में दो दो बार अपनी शिकायत दर्ज करवाने के बाद जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उसने महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के रायबरेली आगमन पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। भाजपा सरकार में इस तरह की घटना और उस पर न्याय न मिलने के सवाल पर जनता और प्रेस के सामने आरोपियों को गिरफ्तार करने का फरमान दिया था लेकिन आप 12 दिन बीत जाने पर पुलिस ने उसकी दर्ज कराई गई शिकायत पर रिपोर्ट तक नहीं लिखी गिरफ्तारी की बात बड़ी दूर की है।मामले की जाँच पुलिस अधीक्षक को दी गई है अब पुलिस विभाग में इस जांच को एसपी के अधीनस्थ कर रहे हैं जिसमें पीड़िता ने महिला आयोग उपाध्यक्ष से अपनी ससुराल में रहने की भी गुहार लगाई थी इसी बात को पुलिस लेकर बैठी है उसका कहना है कि किसी को घर में रखवाने का उसके पास कोई अधिकार नहीं है। लेकिन उसी प्रार्थना पत्र में जो अपराधिक घटनाओं का जिक्र किया है उस पर पुलिस की चुप्पी हो जाती है। बताते चले कि
काजल पत्नी ललित पुत्री भारत लाल निवासी खपरातल मजरे, डलमऊ थाना डलमऊ रायबरेली ने अपनी ससुराल वालो के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी कि ललित पुत्र रामकुमार (पति) गीतादेवी पत्नी रामकुमार (सास)
रामकुमार पुत्र अज्ञात (ससुर) कन्धई पुत्र रामकुमार (देवर)
समस्त निवासीगण डंगरी मजरे चकमलिक भीटी थाना डलमऊ रायबरेली ने मिलकर 21.10.2024 को तेजाब डालकर जला दिया जिसपर प्रार्थिनी ने पहले तो पेट्रोल डालने की शंका थी, परन्तु डलमऊ स्वास्थ्य केन्द्र, रायबरेली एम्स, लखनऊ के आरोग्य अस्पताल में इलाज करवाने के दौरान पता चला कि प्रार्थिनी पर तेजाब डाला गया है प्रार्थिनी उस गम्भीर हालत में कोई भी लिखित सूचना देने में असमर्थ थी, ससुराल वालों का जोर-दबाव था उन्हीं ने किसी व्यक्ति से एक लिखित सूचना पुलिस को दिलवा दी थी जिसकी मुझे किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है, इलाज के दौरान भी ससुराल पक्ष वालों ने किसी भी प्रकार की दवा, सेवा व अन्य किसी इलाज में किसी भी प्रकार का खर्च भी नहीं किया और यह कहा कि अभी पैसा नहीं है मायके से इलाज करवा लो हम पैसा दे देंगे यही नही इलाज के बाद विपक्षीगण उसे ससुराल लेकर आये और वहां भी 28.08.2025 को एक बार फिर मारपीट कर घर से भगा दिया जिसकी रिपोर्ट थाने में पुलिस ने मु0अ0सं0-231/2025 के अन्तर्गत धारा बी0एन0एस0 85, 115(2), 351 (3), और 352 के तहत दर्ज कर ली है परन्तु आज भी प्रार्थिनी को उसकी ससुराल में रहने नहीं दिया जा रहा है जबकि प्रार्थिनी के पिता दिहाड़ी मजदूरी करके किसी तरह अपनी बेटी का इलाज करवा रहे है और अब तक इलाज में लगभग 7 लाख खर्च हो चुका है और प्रार्थिनी जब भी ससुराल जाने का प्रयास करती है तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती है। प्रार्थिनी किसी भी तरह अपनी ससुराल में रहकर पत्नी धर्म का पालन करना चाहती है और आज भी वह विपक्षी सं0 1 की विवाहिता पत्नी है जिस हिसाब से कानून भी उसका अपने ससुराल में रहने का पूर्ण अधिकार स्वामित्व प्राप्त है, परन्तु ससुराल पक्ष दहेज लोभी मानसिकता के कारण प्रार्थिनी अपनी ससुराल नही जा पा रही है। जिसकी शिकायत उसने दिनांक 13.07.2026 को 181 हेल्पलाइन नं0 और महिला कल्याण विभाग व आपके समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई। पीड़िता ने निवेदन किया था कि किसी भी प्रकार से प्रार्थिनी को उसके इलाज, भोजन एवं ससुराल में रहने की सम्पूर्ण सुरक्षा सहित व्यवस्था करवाने की कृपा करें। दिनांक :- 24.07.2026 को महिला आयोग उपाध्यक्ष को दी गई शिकायत के बाद आज तक पीड़िता को थाने और वन स्टाफ सेंटर के चक्कर काट रही है। अब सवाल यह उठता है कि अपने न्याय के लिए आखिरकार कोई महिला कहां पर गुहार लगाए।

Yogendra Pandey is a dedicated journalist and the key author at Crime News National, a platform committed to delivering accurate, timely, and unbiased crime-related news from across India. With a strong passion for investigative reporting, he focuses on presenting facts responsibly and raising awareness about issues that impact public safety and justice.
Over the years, Yogendra has built a reputation for his clear reporting style, ethical journalism, and commitment to truth. His work highlights real incidents, law-and-order developments, and important updates involving crime, policing, and public awareness.
At Crime News National, he aims to provide readers with trustworthy information supported by verified sources, ensuring transparency and credibility in every story he reports.
Yogendra believes that informed citizens build a safer society, and through his writing, he strives to bring awareness, promote justice, and give a voice to real issues from the ground.
