कानपुर में पत्रकार सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है

 

कानपुर दक्षिण प्रेस क्लब ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र देकर पत्रकार के साथ हुई मारपीट मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

प्रेस क्लब का आरोप है कि संगठन के पदाधिकारी और स्ट्रॉन्ग भारत न्यूज़ के चीफ एडिटर राजेंद्र केसरवानी के साथ पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय परिसर में धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट की गई।

बताया जा रहा है कि घटना उस वक्त हुई जब राजेंद्र केसरवानी चर्चित आईटीबीपी जवान मामले की कवरेज करने पहुंचे थे।

आरोप है कि तथाकथित पत्रकार तासिफ खान, विक्रम सिंह उर्फ गोलू और उनके साथ मौजूद 4 से 5 लोगों ने कवरेज करने से रोकते हुए अभद्रता की।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूरी घटना पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के सामने हुई, लेकिन आरोपियों में कानून का कोई डर दिखाई नहीं दिया।

कानपुर दक्षिण प्रेस क्लब ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, एलआईओ अधिकारियों से रिपोर्ट लेने और आरोपियों का ब्रेन मैपिंग व पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी मांग उठाई है।

साथ ही संगठन ने कहा है कि यदि भविष्य में पीड़ित पत्रकार या उनके सहयोगियों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो आरोपियों को जांच के दायरे में रखा जाए।

अब देखने वाली बात होगी कि पत्रकार सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठे इन गंभीर सवालों के बीच पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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